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मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान का चौतरफा विरोध, राहुल गांधी ने साधी चुप्पी

केंद्र की सत्तारूढ़ बीजेपी ने कमलनाथ पर निशाना साधा और कांग्रेस पर 'विभाजनकारी राजनीति' करने का आरोप लगाया.

मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान का चौतरफा विरोध, राहुल गांधी ने साधी चुप्पी
गैर बीजेपी दलों समाजवादी पार्टी(सपा) और राष्ट्रीय जनता दल(राजद) ने भी नए मुख्यमंत्री की आलोचना की. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को बीजेपी, सपा और राजद जैसी पार्टियों से उनके मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए नौकरियां आरक्षित करने वाले बयान को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. कमलनाथ ने कहा था कि मध्यप्रदेश के जो उद्योग सरकार से सुविधाएं प्राप्त करते हैं, उन्हें 70 प्रतिशत स्थानीय नौजवानों को नौकरियां देनी होंगी और इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग यहां नौकरियां पा लेते हैं, और स्थानीय नौजवान नौकरियों से वंचित रह जाते हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और कहा कि वह इस मामले से 'अनभिज्ञ' हैं. राहुल ने कहा, "मुझे इस मुद्दे के बारे में जानकारी नहीं है. मुझे अभी इस बारे में बताया गया है और मैं इस बारे में पता करूंगा और उसके बाद ही प्रतिक्रिया दूंगा."

बीजेपी ने लिया आड़े हाथों
केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उनपर और कमलनाथ पर निशाना साधा और कांग्रेस पर 'विभाजनकारी राजनीति' करने का आरोप लगाया. कमलनाथ के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "कमलनाथ का जन्म उत्तरप्रदेश में हुआ था और यह उनपर नहीं जंच रहा है कि वह जहां जन्मे हैं, वहीं के लोगों के विरुद्ध बोले. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र को लड़ाकर विभाजनकारी राजनीति करना चाहती है."

माफी की मांग
केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने भी कमलनाथ और राहुल से माफी की मांग की. सिंह ने कहा, "मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि वह संघवाद में विश्वास करते हैं या नहीं. कमलनाथ और राहुल गांधी दोनों को देश से, खासकर बिहार और उत्तरप्रदेश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए."

अखिलेश ने बताया कमलनाथ के बयान को गलत, कहा, 'ऐसी बातें महाराष्ट्र से सुनते थे'
यहां तक कि गैर बीजेपी दलों समाजवादी पार्टी(सपा) और राष्ट्रीय जनता दल(राजद) ने भी नए मुख्यमंत्री की आलोचना की. सपा अध्यक्ष और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, "जो कमलनाथ ने कहा है वह गलत है. पहले उत्तरप्रदेश और बिहार के लोगों को महाराष्ट्र में निशाना बनाया गया और अब मध्यप्रदेश में भी वही हो रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है."

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राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के नेता मनोज झा ने भी मुख्यमंत्री की आलोचना की. उन्होंने कहा, "अगर जो कमलनाथ ने कहा है वह सही है तो यह बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसी चीजें भारत के विचार को बर्बाद करने वाली और संकीर्ण राजनीतिक मानसिकता को दर्शाती हैं. मैं कांग्रेस नेताओं से ऐसी बातों से दूर रहने का आग्रह करूंगा."

ये है पूरा मामला
कमलनाथ ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, "जो सुविधाएं हम उद्योगों को प्रदान करते हैं, उसका फायदा उद्योगों द्वारा तभी उठाया जा सकता है जब 70 प्रतिशत रोजगार मध्यप्रदेश के स्थानीय लोगों दिया जाएगा."  उन्होंने कहा, "कई उद्योग हैं, जहां अन्य राज्यों के लोग नौकरियां पा जाते हैं, बिहार और उत्तरप्रदेश से, मैं उनकी आलोचना नहीं कर रहा हूं. लेकिन मध्यप्रदेश के हमारे नौजवान रोजगार से वंचित रह जाते हैं." कमलनाथ ने कहा, "इसलिए जो उद्योग 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देंगे, वही सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे."

(इनपुट-आईएएनएस)