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खंडवा: पुनर्वास के लिए ओम्कारेश्वर बांध पर जल सत्याग्रह, सरकार से की ये मांगें

सरकार ओंकारेश्वर बांध का जलभराव 193 मीटर से बढ़ाकर 196 मीटर तक कर रही है. एनबीए ने मांग की है कि जबतक पुनर्वास पूरा नहीं हो जाता तब तक ओंकारेश्वर बांध को 196 मीटर लेवल तक नहीं भरा जाए. इधर, प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश हवाला देकर गांव खाली कराने की कवायद शुरू कर दी है.

खंडवा: पुनर्वास के लिए ओम्कारेश्वर बांध पर जल सत्याग्रह, सरकार से की ये मांगें
आंदोलनकारी कामनखेड़ा गांव में नर्मदा नदी के पानी में खड़े हैं.

खंडवा: खंडवा (Khandwa) में ओम्कारेश्वर बांध (Omkareshwar Dam) के प्रभावित लोग नर्मदा बचाओ आन्दोलन (Narmada Bachao Andolan) के साथ एक बार फिर जल सत्याग्रह की राह पर हैं. बिना पुनर्वास किये ओम्कारेश्वर बांध का जल स्तर बढ़ाए जाने से नाराज नर्मदा बचाओ आन्दोलन ने गांववालों के साथ मिलकर कामनखेड़ा गांव में अनिश्चित जल सत्याग्रह आन्दोलन शुरू कर दिया है.

दरअसल, सरकार ओंकारेश्वर बांध का जलभराव 193 मीटर से बढ़ाकर 196 मीटर तक कर रही है. एनबीए ने मांग की है कि जबतक पुनर्वास पूरा नहीं हो जाता तब तक ओंकारेश्वर बांध को 196 मीटर लेवल तक नहीं भरा जाए. इधर, प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश हवाला देकर गांव खाली कराने की कवायद शुरू कर दी है. इस बीच गांव वाले जल सत्याग्रह स्थल पर ही नाच-गाकर दिवाली बना रहे हैं.

आंदोलनकारी कामनखेड़ा गांव में नर्मदा नदी के पानी में खड़े हैं. उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगों को पूरा करें. जल सत्याग्रह शुरू होने के समय प्रभावितों को संबोधित करते हुए आलोक अग्रवाल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि बिना पुनर्वास के बांध के डूब में किसी को नहीं लाया जा सकता, मगर ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर बढ़ाए जाने से दो हजार परिवारों की संपत्तियां डूब रही हैं, उनका पुनर्वास नहीं किया गया है.

उन्होंने दावें से कहा कि 500 परिवारों को पुनर्वास स्थल पर मकान-भूखंड और 400 अन्य परिवारों को मकान-भूखंड के एवज में पैकेज नहीं मिला है. लगभग ढाई सौ परिवारों की 17 सौ एकड़ जमीन जो डूब रही है या टापू बन रही है, उसका अधिग्रहण किया जाना या उसमें रास्ता दिया जाना बाकी है. वनग्राम देगावां के 200 परिवारों की जमीन व गांव का अधिग्रहण किया जाना बाकी है और सैकड़ों अन्य परिवारों के पुनर्वास के अन्य अधिकार बाकी हैं.

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आपको बता दे कि बांध 2005 में बनकर तैयार है. इसमें 29 गांव डूब में आ रहे हैं. 189 मीटर जल स्तर पर 22 गांव पहले ही विस्थापित किये जा चुके हैं. लेकिन अब 196 मीटर जल स्तर पर 9 गांव के उन परिवारों का विस्थापन किया जाना है, जिनके पुनर्वास और मुआवजे के मामले निपटाए नहीं जा सके हैं.