सुसाइड लाइव में ट्विस्टः अस्पताल जाने को तैयार नहीं थी किरण, पुलिस को देख कर रही थी छिपने की कोशिश

पुलिस ने बताया कि सुसाइड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के 15 मिनट के अंदर ही टीम किरण के घर पहुंची थी. पुलिस को देखते ही किरण ने छिपने की कोशिश की और कहीं भी जाने से इनकार कर दिया. हालांकि किरण के हाथ में पट्टी बंधी थी. 

सुसाइड लाइव में ट्विस्टः अस्पताल जाने को तैयार नहीं थी किरण, पुलिस को देख कर रही थी छिपने की कोशिश
फाइल फोटो

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र की किरण राजपूत की लाइव सुसाइड मामले पुलिस ने खुलासा किया है.पुलिस का कहना है कि सुसाइड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के 15 मिनट के अंदर ही टीम किरण के घर पहुंची थी. पुलिस को देखते ही किरण ने छिपने की कोशिश की और कहीं भी जाने से इनकार कर दिया. हालांकि किरण के हाथ में पट्टी बंधी थी. 

महिला पुलिस अधिकारी उसे अपने साथ डॉक्टर के पास लेकर गईं. जहां डॉक्टर ने बताया कि उसके हाथ की नस नहीं कटी केवल स्किन पर कट लगा है. इसके लिए उसे अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं थी.

इस मामले में मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि बेटी के साथ अन्याय नहीं होगा. उसे न्याय जरूर मिलेगा. शर्मा ने कहा कि आरोपी चाहे जो भी हो, पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी.

बता दें कि रविवार को किरण ने पिता की हत्या से नाराज होकर लाइव सुसाइड की कोशिश की थी. जिसका वीडियो वायरल भी वायरल हुआ था. किरण ने वीडियो में मुख्यमंत्री शिवराज को टैग करते हुए उसने पुलिस पर अपने पिता की हत्यारों को बचाने का आरोप लगाया था. साथ ही वीडियो के साथ उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें उसने पिता के हत्यारों को सजा न दिला पाने का जिक्र किया था.

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''I m sorry papa मैं आपको न्याय नहीं दिला पाई''
किरण राजपूत ने अपने सुसाइड नोट में लिखा ''आई लव यू मां, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं. बहादुर बेटी नहीं बन सकी. मुझे माफ कर देना मैं आपको न्याय नहीं दिला सकी, आई एम सॉरी पापा. उसने अपने सुसाइड नोट में उन सभी पुलिस कर्मचारियों की भी नाम लिखें जिन्हें वह अपनी मौत का जिम्मेदार मानती है.''  किरण राजपूत ने अपना वीडियो अपलोड करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान को भी टैग किया है. नस काटने से पहले उसने बताया कि वह पिछले 6 महीने से सीएम शिवराज सिंह चौहान से मिलना चाहती है परंतु पुलिस वालों उसे मिलने नहीं दे रहे. पुलिस ने उसका केस बिगाड़ दिया है. युवती ने पुलिस पर भी आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है.

DIG ने दी युवती के आरोपों पर सफाई
भोपाल DIG इरशाद वली ने युवती के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा कि युवती के पिता की हत्या मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. सभी आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है.

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