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मध्यप्रदेश: किसान क्रेडिट कार्ड योजना में फर्जी दस्तावेज के आधार पर निकाली गई रकम

मामला 2014 का है जिसमें एक शिकायत के आधार पर बैंक के तत्कालीन अधिकारी एके भट्ट और बैंक अधिकारी विष्णु कुमार चांदिल के विरुद्ध शिकायत की गई थी.

मध्यप्रदेश: किसान क्रेडिट कार्ड योजना में फर्जी दस्तावेज के आधार पर निकाली गई रकम
13 हितग्राहियों के नाम पर 63 लाख 50 हजार रुपए की रकम फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकाली गई थी.

मध्यप्रदेश: एमपी में प्रमुख किसान हितेषी योजना किसान क्रेडिट कार्ड योजना के नाम पर घोटाला करने फर्जी दस्तावेज के आधार पर रकम निकालने के मामले में आर्थिक अपराध शाखा यानी ईओडब्लू  ग्वालियर द्वारा  जिले के पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बैंक मैनेजर सहित कुल 15 लोगों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की है. 

मामला 2014 का है जिसमें एक शिकायत के आधार पर बैंक के तत्कालीन अधिकारी एके भट्ट और बैंक अधिकारी विष्णु कुमार चांदिल के विरुद्ध शिकायत की गई थी. अब अपराधिक मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में जांच पड़ताल के बाद पता चला कि 13 हितग्राहियों के नाम पर 63 लाख 50 हजार रुपए की रकम फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकाली गई थी.

दरअसल ग्वालियर जिले की आर्थिक अपराध शाखा ईओ डब्लू को पंजाब नेशनल बैंक भोपाल मुख्यालय के अधिकारी मंडल प्रमुख एस के जुथी ने एक शिकायत की थी. जिसमें डबरा पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन प्रबंधक एके भट्ट और बैंक अधिकारी विष्णु कुमार पर 15 अप्रैल 2014 को केस रजिस्टर्ड कराया था. 

जांच में सामने आया कि दोनों अधिकारियों की मिलीभगत से 11 खातों में किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाता खोलकर ऋण प्राप्त करने का प्रयास किया गया था. शिकायती आवेदन में 13 हितग्राहियों द्वारा बैंक में किसान क्रेडिट कार्ड ऋण प्राप्त करने के लिए भू स्वामी संबंधी दस्तावेज ऋण पुस्तिका ,खसरा की नकल और राशन कार्ड के दस्तावेज लगाए थे. जिनको एक वकील के माध्यम से और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से सत्यापित किया गया था.