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बच्ची की दुष्कर्म कर हत्या करने वाले व्यक्ति को सजा-ए-मौत, कोर्ट ने कहा- दया के लायक नहीं है दोषी

धार जिले की मनावर अदालत के अपर सत्र न्यायाधीश अकबर शेख ने इस मामले में आरोपी करण भील उर्फ फातिया निवासी जगन्नाथपुरा को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई.

बच्ची की दुष्कर्म कर हत्या करने वाले व्यक्ति को सजा-ए-मौत, कोर्ट ने कहा- दया के लायक नहीं है दोषी

धार (मध्यप्रदेश): धार जिले की एक अदालत ने पांच महीने पहले मनावर थाना इलाके में चार वर्षीय एक आदिवासी बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने के मामले में 19 वर्षीय युवक को गुरुवार (17 मई) को मृत्युदंड सुनाया. धार जिले की मनावर अदालत के अपर सत्र न्यायाधीश अकबर शेख ने इस मामले में आरोपी करण भील उर्फ फातिया निवासी जगन्नाथपुरा को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई.

शेख ने अपने निर्णय में कहा, ‘‘बेटियां खुदा की रहमत हैं और उन्हें क्षत-विक्षत लाश के रूप में बदलने वाला अपराधी उदारता के लायक नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सामाजिक दृष्टि से व कानूनी दृष्टि से आरोपी द्वारा किया गया कृत्य क्षम्य नहीं है तथा दुर्लभ से दुर्लभतम मामले की श्रेणी में आता है. अपराध की गंभीरता को देखते हुए ‘मृत्युदंड’ दिये जाने से ही न्याय के उद्देश्य की पूर्ति संभव है.’’ 

लोक अभियोजक शरद पुरोहित ने बताया, ‘‘अदालत ने इस बच्ची की हत्या करने के मामले में भादंवि की धारा 302 के तहत करण को फांसी की सजा सुनाई, जबकि बलात्कार करने के मामले में भादंवि की धारा 376 के तहत एवं पॉक्सो एक्ट में उसे आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. उसे भादंवि की धारा 363 (अपहरण) में पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई है.’’ उन्होंने कहा कि इसके अलावा, अदालत ने आरोपी को 21,000 रुपए के अर्थदण्ड से भी दंडित किया है.

पुरोहित ने बताया कि 15 दिसम्बर 2017 को मनावर थानांतर्गत जगन्नाथपुरा गांव में इस बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई थी. बाद में उसकी लाश पास के ही जंगल में मिली थी. इस मामले में तत्काल आरोपी को गिरफ्तार किया गया था.