close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मध्य प्रदेशः नवजात बच्ची को अस्पताल में छोड़ कर गायब हो गई वृद्ध महिला, मचा हड़कंप

 बच्ची के बारे में जानकारी देते हुए खंडवा शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ने बताया कि नवजात बच्ची की हालत गम्भीर है. खंडवा में इस तरह के नवजात बच्चों के पुनर्वास के लिए काम करने वाले समाजसेवी सुनील जैन भी बच्ची का हाल जाने महिला अस्पताल पहुंचे.

मध्य प्रदेशः नवजात बच्ची को अस्पताल में छोड़ कर गायब हो गई वृद्ध महिला, मचा हड़कंप
प्रतीकात्मक तस्वीर

खंडवाः बेटियों की स्थिती को ध्यान में रखकर केंद्र और राज्य सरकारें कई तरह की योजनाएं चला रही हैं, लेकिन उसके बावजूद हमारा समाज अभी इतना मजबूत नहीं हो पाया है कि वह बेटियों का बोझ उठा सके. यही कारण है कि समय-समय पर लावारिस हालत में बेटियों को फेंकने और छोड़ने जैसी घटनाएं सामने आती है. ऐसा ही एक मामला खंडवा में भी सामने आया है. जहां बीमार हालात में एक नवजात बच्ची को एक वृद्ध महिला अस्पताल में भर्ती करा कर रफूचक्कर हो गई. डॉक्टर ने पहले बच्ची का इलाज करना जरूर समझ कर उस बच्ची को भर्ती कर लिया, लेकिन जब उसे कोई वापस लेने नहीं आया तो बाल कल्याण समिति को इसकी सूचना दी गई. फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है.

मामला खंडवा के शासकीय महिला अस्पताल का है, जहां एक वृद्ध महिला नवजात बच्ची को अपने साथ लेकर आई और बच्ची को शिशु गहन चिकित्सा यूनिटमें भर्ती करवा कर खुद गायब हो गई. दरअसल, डॉक्टर ने वृद्ध महिला से बच्ची की मां को साथ लेकर आने को कहा और बच्ची की गंभीर हालत देखते हुए उसका इलाज शुरू कर दिया. इस पर महिला बच्ची की मां को लेकर आने के बहाने चली गई और घंटों इंतजार करने के बाद न ही वह खुद और न ही बच्ची की मां, कोई अस्पताल नहीं पहुंचा. जब 24 घंटे बीतने के बाद भी व्रद्ध महिला नहीं लौटी तो अस्पताल प्रबंधन ने चाइल्ड लाईन को इस बच्ची की सूचना दी. 

देखें लाइव टीवी

परिवार से मारपीट पर जवान ने दी 'पान सिंह तोमर' बनने की धमकी, CM कमलनाथ ने दिए जांच के आदेश

वहीं बच्ची के बारे में जानकारी देते हुए खंडवा शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ने बताया कि नवजात बच्ची की हालत गम्भीर है. खंडवा में इस तरह के नवजात बच्चों के पुनर्वास के लिए काम करने वाले समाजसेवी सुनील जैन भी बच्ची का हाल जाने महिला अस्पताल पहुंचे और मासूम बच्ची के बारे में डॉक्टर से मिलकर जानकारी ली. सुनील जैन ने बताया कि ऐसे कई मामले खंडवा में हुए है, जहां बच्चों को कहीं कचरे के ढेर में तो कहीं नालियों मे छोड़ कर मांए चली गई थीं. उन्हें हमने उठाकर उपचार करवाया और बाल कल्याण समिति के माध्यम से गोद दिया. यह बच्चे आज सम्मानजनक परिवारों में रह रहे हैं.