सवर्ण आंदोलन: कांग्रेस ने बताया बीजेपी की साजिश तो BJP ने कहा राजनीति न करें

दोनों दलों की परेशानी यह है कि वे सवर्णों के पक्ष में बोलते हैं तो अनसूचित जाति-जनजाति का वोट बैंक उनके हाथ से निकल जाएगा.

सवर्ण आंदोलन: कांग्रेस ने बताया बीजेपी की साजिश तो BJP ने कहा राजनीति न करें
बीजेपी का कहना है कि समाज के हर वर्ग को पूरी संवेदनशीलता का परिचय देना होगा. (फाइल फोटो)
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नई दिल्‍ली: एससी-एसटी एक्‍ट में संशोधन बिल से नाराज सवर्णों के आंदोलन ने न केवल बीजेपी, बल्कि कांग्रेस को भी बेचैन कर दिया है. दोनों दलों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि इस मुद्दे से छुटकारा कैसे पाया जाए. दोनों दलों की परेशानी यह है कि वे सवर्णों के पक्ष में बोलते हैं तो अनसूचित जाति-जनजाति का वोट बैंक उनके हाथ से निकल जाएगा. यदि वे अनसूचित जाति-जनजाति के पक्ष में खड़े रहते हैं तो रूठे हुए सवर्णों को मनाना बेहद मुश्किल है. दोनों दलों को भलीभांति यह पता है कि समाज के दोनों धड़ों को साथ लिए बगैर सत्‍ता हासिल कर पाना नामुमकिन सा है. नतीजतन, दोनों दलों ने एक-दूसरे पर आरोप प्रत्‍यारोप करते हुए सवर्ण आंदोलन को साजिश का हिस्‍सा कहना शुरू कर दिया है. 

आदिवासियों को केंद्र में रखकर सवर्णों पर प्रतिक्रिया 
सवर्ण आंदोलन को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और रतलाम से कांग्रेस सांसद कांतिलाल भूरिया ने जी-डिजिटल से बातचीत में कहा कि सवर्ण आंदोलन बीजेपी की साजिश का एक हिस्‍सा है. बीजेपी समाज को आपस में लड़ाकर फूट डालो-राज करो का षड्यंत्र रच रही है. लेकिन कांग्रेस बीजेपी की इस तरह की कोई भी साजिश सफल नहीं होने देगी. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी समाज को आपस में लड़ाकर अपना उल्‍लू सीधा करने में लगी हुई है. आदिवासी सहित पूरा समाज समझ चुका है कि बीजेपी पीछे के दरवाजे से गुप्‍त एजेंडा लागू करवाकर अपना मकसद पूरा कर रही है. जिस तरह से बीजेपी कई प्रकार के कानूनों में  संशोधन कर रही है, उससे आदिवासी बेहद नाराज हैं. 

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संवैधानिक व्‍यवस्‍था को खत्‍म करना चाहती है बीजेपी
जी-डिजिटल से बातचीत में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद कांतिलाल भूरिया ने कहा कि एससी-एसटी को लेकर संविधान में व्‍यवस्‍था है. बीजेपी उसे समाप्‍त करना चाहती है. बीजेपी की इन कोशिशों को हम बिल्‍कुल भी बर्दाश्‍त नहीं करेंगे. संविधान में यह व्‍यवस्‍था की गई है कि गरीब और पीड़ित लोगों की मदद करने और उनके जीवन स्‍तर पर सुधार लाने के लिए संविधान में अधिकार दिया गया है. बीजेपी इस अधिकार को खत्‍म करना चाहती है. इस बात को लेकर बीजेपी की सरकार के खिलाफ आदिवासियों में भारी आक्रोश है. 

संवेदनशील मुद्दों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठना होगा
इस बाबत, बीजेपी के प्रदेश अध्‍यक्ष और सांसद राकेश सिंह ने जी-डिजिटल से बातचीत करते हुए कहा कि कुछ विषय ऐसे हैं जो राजनीतिक दलों की सीमाओं से ऊपर जाते हैं. यहां पर देश को जोड़कर आगे बढ़ने की जिम्‍मेदारी सभी की है. कुछ विषयों पर बहुत संवेदनशीलता के साथ न केवल विचार करना चाहिए, बल्कि चर्चा भी करना चाहिए. यह विषय भी उन्‍हीं में शामिल है. इन विषयों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए आगे बढ़ना यह हमारी जिम्‍मेदारी है. उन्‍होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को पूरी संवेदनशीलता का परिचय देना होगा. भारत का नागरिक होने के नाते हर नागरिक को अपने-अपने हिस्‍से की जिम्‍मेदारी का निर्वहन करना होगा.

बीजेपी सभी वर्गों को साथ में लेकर चलने की है पक्षधर 
जी-डिजिटल से बातचीत करते हुए बीजेपी के एक वरिष्‍ठ नेता ने कहा कि हम इस बात के पक्षधर हैं कि किसी के साथ भी ज्‍यादती नहीं होना चाहिए. बीजेपी सबको मिला जुलाकर आगे बढ़ना चाहती है. बहुत सी ताकतें हैं जो इन आंदोलनों के पीछे काम कर रही हैं. इस सब की बातों की चिंता करना देश के व्‍यापक हित में है. उन्‍होंने कहा कि देश में जहां-जहां भी चुनाव होते हैं, वहां ऐसी परिस्थितियां उत्‍पन्‍न कर दी जाती है, जो कभी पहले ध्‍यान में भी नहीं होती. इस परिस्थितियों को जबरन उत्‍पन्‍न किया जाता है. हमें यह देखना होगा कि यह सारी चीजें कहां से संचालित हो रही हैं.