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सांप के काटने से अस्पताल में भर्ती थी महिला, इलाज के लिए तांत्रिक बुला लाए परिजन

पीड़ित महिला को सांप के काटने के कारण जिला अपस्ताल में भर्ती कराया गया, जहां पहले तो डॉक्टर्स से महिला का इलाज कराया गया और फिर रात में झाड़-फूंक शुरू कर दी गई.

सांप के काटने से अस्पताल में भर्ती थी महिला, इलाज के लिए तांत्रिक बुला लाए परिजन
हॉस्पिटल में एक घंटे तक चलती रही झाड़फूंक.

नई दिल्लीः लाख कोशिशों और दावों के बाद भी देश से अंधविश्वास का खेल खत्म नहीं हो पा रहा है, लेकिन यह खेल जब सरकारी संस्थानों में खेला जाए तो सिस्टम कटघरे में जरूर खड़ा होता है और एक ऐसा ही मामला दमोह से सामने आया है. जिसे देखकर आप अंधविश्वासी समाज को कोसेंगे और कहीं ना कहीं बीमार सिस्टम भी आपके निशाने पर होगा. दमोह में बीमारी के इलाज के नाम पर जिला अस्पताल में झाड़-फूंक का खेल खेला जा रहा है. 

बता दें दमोह के जिला अस्पताल में डॉक्टर्स नहीं बल्कि तांत्रिक इलाज कर रहे हैं. जिला अस्पताल में सरेआम झाड़फूंक तंत्र-मन्त्र किए जा रहे हैं और इन सब पर लोग तमाशबीन बने हैं. तांत्रिक इतना बेखौफ है कि उसे इस बात का भी डर नहीं की की सब कुछ कैमरे में कैद हो रहा है. दरअसल, झाड़फूंक के पीछे की वजह महिला को सांप का काटना है. पीड़ित महिला को सांप के काटने के कारण जिला अपस्ताल में भर्ती कराया गया, जहां पहले तो डॉक्टर्स से महिला का इलाज कराया गया और फिर रात में झाड़-फूंक शुरू कर दी गई.

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तीमारदार बैठे सब कुछ देख रहे हैं, लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है. करीब घंटे भर तक चलते रहे इस झाड़फूंक के खेल को ना तो अस्पताल स्टाफ ने रोका ना ही सिक्योरटी गार्ड्स ने. आखिरकार महिला को फिर से अस्पताल के बिस्तर पर लिटा दिया गया और फिर दवाई शुरू हो गई. इस मामले में ख़ास बात ये है की पूरी अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जिसकी मॉनिटरिंग भी होती है, लेकिन घंटे भर के चले इस कार्यक्रम पर किसी का ध्यान नहीं गया.

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इस पूरे मामले पर जब ड्यूटी डाक्टर से सवाल किए गए तो खुद डॉक्टर एके जैन कहते हैं, कि यहां यह पहला मामला नहीं है बल्कि अस्पताल के अंदर आए दिन ऐसा होता रहता है. रोकते भी हैं, लेकिन लोग मानते ही नहीं हैं. अक्सर इस तरह की तस्वीरें दमोह के जिला अस्पताल से सामने आती हैं, लेकिन ये सब थमने का नाम नहीं ले रहा.