मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, जल्द खुल सकता है प्रमोशन का रास्ता

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट 30 अप्रैल 2016 को मप्र लोकसेवा अधिनियम 2002 खारिज किए जाने के बाद से राज्य में अब तक 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी बिना प्रमोशन लिए रिटायर हो चुके हैं. मध्य प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में 70 हजार से अधिक कर्मचारी अपने प्रमोशन के इंतजार में बैठे हैं.

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, जल्द खुल सकता है प्रमोशन का रास्ता
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ.

भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारिया का प्रमोशन लंबे समय से रुका पड़ा है. सरकारी कर्मचारी अपने प्रमोशन की राह ताक रहे हैं. कमलनाथ सरकार इन कर्मचारियों के प्रमोशन को जल्द ही हरी झंडी दिखा सकती है. मार्च में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो सकता है. राज्य सरकार प्रमोशन का फार्मूला तैयार करने में जुट गई है.

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में 2016 से प्रमोशन बंद है. सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को प्रमोशन देने के लिए तीन फार्मूले के जरिए रास्ता निकालेंगे. गोविंद सिंह ने कहा, ''पहला रास्ता है कोर्ट से इजाजत लेकर, दूसरा रास्ता है क्रमोन्नति देकर और तीसरा रास्ता है दिग्विजय सरकार के वक्त की व्यवस्था लागू कर कर्मचारियों को प्रमोशन दें.'' 

गोविंद सिंह ने कहा कि सरकारी दफ्तरों में प्रमोशन फिर से शुरू करने को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ गंभीर हैं. सरकारी कर्मचारी संगठनों ने नई सरकार से इस समस्या का हल निकालने के लिए गुहार लगाई थी. कमलनाथ सरकार ने पिछले दिनों कई वरिष्ठ वकीलों और विशेषज्ञों से इस मामले में कानूनी सलाह ली है. 

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट 30 अप्रैल 2016 को मप्र लोकसेवा अधिनियम 2002 खारिज किए जाने के बाद से राज्य में अब तक 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी बिना प्रमोशन लिए रिटायर हो चुके हैं. मध्य प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में 70 हजार से अधिक कर्मचारी अपने प्रमोशन के इंतजार में बैठे हैं.