Social Media पर FAKE NEWS पोस्ट और शेयर करने वालों की ख़ैर नहीं, शिवराज सरकार ने जारी किए कार्रवाई के आदेश

मध्य प्रदेश शासन ने लोकशांति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सामजिक समरसता बनाए रखने के उद्देश्य से दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट लिखने या शेयर करने पर प्रतिबंध लगाया है. 

Social Media पर FAKE NEWS पोस्ट और शेयर करने वालों की ख़ैर नहीं, शिवराज सरकार ने जारी किए कार्रवाई के आदेश
सांकेतिक तस्वीर.

भोपाल: कोरोना संकट के इस दौर में सोशल मीडिया प्रशासन और सरकारों के लिए जहां लोगों तक सूचना पहुंचाने और उन्हें जागरूक करने का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म साबित हुआ है तो दूसरी ओर कुछ शरारती तत्व गलत खबरों के प्रचार-प्रसार के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. पुलिस और प्रशासन के लिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं गलत खबरों पर लगाम लगाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है.

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इसको ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश शासन ने लोकशांति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सामजिक समरसता बनाए रखने के उद्देश्य से दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट लिखने या शेयर करने पर प्रतिबंध लगाया है. मध्य प्रदेश शासन की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर के माध्यम से आपत्तिजनक संदेश, चित्र तथा ऑडियो-वीडियो मैसेज पोस्ट करने, फॉरवर्ड या लाइक करने पर प्रतिबंध है.

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सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति आपत्तिजनक संदेश, चित्रों, ऑडियो तथा वीडियो मैसेज प्रसारित नहीं करेगा. इसी प्रकार सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति धार्मिक, सामाजिक, व्यक्तिगत रूप से आपत्तिजनक व अश्लील संदेशों को प्रसारित नहीं करेगा. यह आदेश तत्काल प्रभाव से राज्य में आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा. इस आदेश का उल्लंघन करने वाले पर भारत दंड विधान (इंडियन पीनल कोड-IPC) की धारा 188 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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