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मध्य प्रदेशः दमोह में 5 दिनों से जारी है तेज बारिश, अगले 48 घंटे तक नहीं मिलेगी राहत

 प्रशासन की मानें तो भयावह हालातों से निपटने के लिए इस बार इस टीम के पास बेहद आधुनिक संसाधन हैं. जिसके जरिये बाढ़ जैसी आपदा से निपटा जा सकता है.

मध्य प्रदेशः दमोह में 5 दिनों से जारी है तेज बारिश, अगले 48 घंटे तक नहीं मिलेगी राहत
जिला मुख्यालय से संपर्क टूटने वाले जिले के गावों की संख्या अब पचास पहुंच गई है. (फाइल फोटो)

महेंद्र दुबे/दमोहः मॉनसून लगभग पूरे देश में आ गया है और कई जगह इसका प्रकोप देखने को भी मिल चुका है. ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है मध्य प्रदेश के दमोह में. जहां बारिश का साफ देखने को मिल रहा है. दमोह में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर सभी को सावधान रहने की चेतावनी दी है. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर आगामी 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके बाद आपदा प्रबंधन टीम भी अलर्ट मोड पर नजर आ रही है.

बता दें दमोह जिले में बीते पांच दिनों से लगातार बारिश जारी है. कुछ इलाकों में लगातार नी बरस रहा है तो कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. इस बीच मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके बाद जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है. जिले के कलेक्टर के निर्देश पर आपदा पबंधन टीम को खास अलर्ट पर रखा गया है और इस टीम के तमाम संसाधन तैयार किए गए हैं. प्रशासन की मानें तो भयावह हालातों से निपटने के लिए इस बार इस टीम के पास बेहद आधुनिक संसाधन हैं. जिसके जरिये बाढ़ जैसी आपदा से निपटा जा सकता है.

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वहीं लगातार हो रही बारिश के बाढ़ जनजीवन खासा प्रभावित है, खासतौर पर ग्रामीण इलाके खराब स्थिति में पहुंच गए हैं, तो जिला मुख्यालय से संपर्क टूटने वाले जिले के गावों की संख्या अब पचास पहुंच गई है और ये गावं पूरी तरह से कट गए हैं. आवागमन बंद है और नदी नाले उफान पर हैं. इन नदी नालों में अक्सर जोखिम भरी तस्वीरें सामने आ रही हैं तो टीम ने जिले के अलग-अलग जगहों पर बहने वाले नदी नालों से अब तक कई लोगों को रेस्क्यू भी किया है. आपदा प्रबंधन की टीम ने ऐसे स्थानों पर अपने जवान भी तैनात किये हैं, जहां आपदा की संभावना ज्यादा समझ आ रही है.

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बहरहाल अभी हालात सामान्य होते दिखाई नहीं दे रहे हैं और आने वाले 48 घंटे इलाके के लोगों के लिए और मुसीबत से भरे होंगे, लेकिन जिस तरह की तैयारियां प्रशासन ने की हैं उससे कम से कम ये तो कहा जा सकता है की हादसे के पहले हादसे रोकने के लिए प्रशासन सतर्क और मुस्तैद जरूर है.