Whatsapp पर चाइल्ड पोर्न का अंतरराष्ट्रीय ग्रुप चलाने वाले तीन लोग गिरफ्तार

व्हाट्सएप ग्रुप में सर्वाधिक 205 सदस्य भारत के हैं. साथ ही पाकिस्तान के भी 177 सदस्य इस ग्रुप से जुड़े हुए हैं.

Whatsapp पर चाइल्ड पोर्न का अंतरराष्ट्रीय ग्रुप चलाने वाले तीन लोग गिरफ्तार
बीते साल केंद्र सरकार ने 3522 चाइल्ड पोर्नोग्राफी वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया था. (प्रतीकात्मक फोटो)

इंदौर: साइबर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए व्हाट्सएप के जरिए 28 देशों के करीब 454 लोगों को चाइल्ड पोर्न (बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो, चित्र व फिल्में) का प्रचार-प्रसार करने वाले रैकेट से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों पर आईटी एक्ट की धारा 67बी में केस दर्ज किया गया है. इस व्हाट्सएप ग्रुप में सर्वाधिक 205 सदस्य भारत के हैं. साथ ही पाकिस्तान के भी 177 सदस्य इस ग्रुप से जुड़े हुए हैं.

नाबालिग भी था मामले में लिप्त  
साइबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में एक इंजीनियर, बर्तन कारोबारी और 12वीं के नाबालिग छात्र को इंदौर साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है. पुलिस को शहर में ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप पर लोगों के जुड़ने की सूचनाएं मिल रही थीं. इस ग्रुप में केवल चाइल्ड पोर्न ही प्रचारित किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि ग्रुप पर नजर रखी गई, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हो रहे ग्रुप की जानकारी मिली. टीम के सदस्यों ने इसमें आम लोगों की तरह घुसपैठ कर पड़ताल शुरू की. उन्होने बताया कि जांच में पता चला कि ग्रुप का एडमिन (मोबाइल नंबर) कुवैत का है. साथ ही ग्रुप के सदस्यों ने अलग-अलग नाम से कई ग्रुप बनाए हैं. 

आरोपी मकरंद पेशे से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर
एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि ये रोजाना 8 से 16 साल के बच्चों के अश्लील वीडियो और उसकी लिंक चलाते हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में बच्चों के साथ हो रहे ज्यादती के मामलों में यह भी एक बड़ा कारण है. एसपी के अनुसार, आरोपी मकरंद सालुंके (24) और ओंकार सिंह राठौर (43) व इनके खंडवा के पास एक गांव में रहने वाले नाबालिग साथी के मोबाइल में बच्चों के कई सारे अश्लील वीडियो मिले हैं. आरोपी मकरंद पेशे से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर है और वर्तमान में महिंद्रा कंपनी पीथमपुर में कार्यरत था. आरोपी ओंकार सिंह बर्तन कारोबारी है. 

यूपी में सामने आया था पहला मामला   
आपको बता दें कि इससे पहले चाइल्ड पोर्नोग्राफी को लेकर 22 फरवरी को सीबीआई ने एक केस रजिस्टर्ड कर 20 साल के आरोपी निखिल शर्मा कन्नौज (यूपी) को गिरफ्तार किया था. निखिल के मोबाइल में 119 देशों के 40 से ज्यादा व्हाट्सएप ग्रुप में इसी तरह की बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्रियां थीं. उससे मुंबई, दिल्ली, नोएडा व अन्य शहरों के कई लोगों जुड़े थे. आईटी एक्ट की धारा 67बी का ये देश में दर्ज पहला मामला था, जबकि यहां दर्ज हुआ यह देश का दूसरा और प्रदेश का पहला मामला है.

गौरतलब है कि बीते साल केंद्र सरकार ने 3522 चाइल्ड पोर्नोग्राफी वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया था. साथ ही सीबीएसई को स्कूलों में पोर्नोग्राफी वेबसाइट को ब्लॉक करने के लिए जैमर लगाने पर विचार करने के लिए कहा गया था.