मध्य प्रदेशः बुजुर्ग ने की सड़क की मांग तो कलेक्टर ने भेज दिया जेल

खराब सड़क की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर भी की थी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो वह कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचा.

मध्य प्रदेशः बुजुर्ग ने की सड़क की मांग तो कलेक्टर ने भेज दिया जेल
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली/टीकमगढ़ः मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में एक बुजुर्ग किसान को कलेक्टर ने सिर्फ इस बात पर जेल भेज दिया कि उसने अपने गांव में खराब सड़क निर्माण को लेकर आवाज उठाने की कोशिश की. दरअसल, बीती 21 अगस्त को नरसिंहपुर में जन सुनवाई के दौरान एक 61 साल के किसान ने अपने गांव की सड़क बनाने के लिए कलेक्टर साहब और सरकारी अफसरों से गुजारिश की, लेकिन कलेक्टर अभय वर्मा द्वारा न सुनने पर उसने खराब सड़क निर्माण की शिकायत की और ऊंची आवाज में बात करने लगा. बस फिर क्या था. इस बात पर कलेक्टर अभय वर्मा काफी गुस्सा हो गए और बुजुर्ग किसान को जनसुनवाई से बाहर का रास्ता दिखाते हुए 4 दिनों के लिए जेल भेज दिया.

सड़क निर्माण की मांग पर भिजवाया जेल
जानकारी के मुताबिक पीड़ित किसान नरसिंहपुर के खुरपा गांव का है. जहां सड़क की हालत खराब होने के कारण ग्रामीणों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में गांव वालों की मांग और शिकायत लेकर किसान जनसुनवाई में पहुंचा, किसान की कलेक्टर अभय वर्मा से कहासुनी हो गई और कलेक्टर ने उसे जेल भिजवा दिया. इस तरह के व्यवहार को लेकर आहत किसान ने कलेक्टर अभय वर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और शिकायत भी दर्ज कराई है.

सीएम हेल्पलाइन पर भी की शिकायत
किसान के मुताबिक उसने खराब सड़क की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर भी की थी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो वह कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचा. यहां पहुंचकर जैसे ही उसने अपनी बात रखनी चाही कलेक्टर साहब नाराज हो गए और उसे जेल भेज दिया. वहीं कलेक्टर साहब के मुताबिक 'जनसुनवाई के दौरान काफी लोग वहां मौजूद थे, लेकिन बुजुर्ग व्यक्ति ने गाली गलौच और हंगामा शुरू कर दिया. जिसके बाद अनुशासन बनाए रखने के लिए उसे पुलिस के हवाले कर दिया.'

कमलनाथ ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया
वहीं बुजुर्ग को जेल भेजे जाने के मामले में कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए बीजेपी के शासन को अघोषित आपातकाल बयाता है. मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि 'मध्य प्रदेश में आपातकाल लगा है.' पूरे मामले को कांग्रेस ने मुद्दा बनाते हुए घेरना शुरू कर दिया है. कांग्रेस ने दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की है. वहीं BJP पूरे मामले में सरकार का बचाव करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर ही मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगा रही है.