कर्जमाफी की किचकिच पर आप भी कन्फ्यूज हैं, तो आइए क्लियर करते हैं क्या है कर्जमाफी का झमेला

राज्य में कमलनाथ सरकार के जाने के बाद और शिवराज सरकार के सत्ता में वापस आने के बाद से एक ही सवाल बना हुआ है कि क्या सभी किसानों का कर्ज माफ़ हुआ है? मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं.

कर्जमाफी की किचकिच पर आप भी कन्फ्यूज हैं, तो आइए क्लियर करते हैं क्या है कर्जमाफी का झमेला

भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस आज यानि 24 सितंबर से बीजेपी की किसान विरोधी नीतियों और कृषि विधेयक, मॉडल एक्ट के खिलाफ़ चरणबद्ध आन्दोलन शुरू करेगी. इस संबंध में बुधवार को ही सभी जिला मुख्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दे दी गई थी. वहीं, 1 से 8 अक्टूबर तक कांग्रेस कार्यकर्ता जिला मुख्यालयों में किसानों के साथ प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेंगे. इसके बाद कांग्रेस 10 अक्टूबर को भोपाल में प्रदेशभर के किसानों के साथ प्रदर्शन करेगी और राज्यपाल को ज्ञापन देगी. 

राज्य में कमलनाथ सरकार के जाने के बाद और शिवराज सरकार के सत्ता में वापस आने के बाद से एक ही सवाल बना हुआ है कि क्या सभी किसानों का कर्ज माफ़ हुआ है? मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं. ऐसे में शिवराज सरकार एक ओर जहां उपचुनावों के प्रचार में किसानों के कर्ज माफ़ी को लेकर कांग्रेस पर लगातार हमले कर रही है. वहीं, कृषि मंत्री कमल पटेल ने विधानसभा में खुद माना कि कांग्रेस सरकार में कर्ज माफी हुई थी. जबकि कांग्रेस भी लगातार यह कहते आ रही है कि उसकी सरकार में किसानों का कर्जा माफ़ किया गया था. आपको बता दें कि राज्य में 50 लाख किसानों का 55 हजार का कर्ज माफ होना है. ऐसे में लोगों के बीच कर्जमाफी को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है. तो आइए हम क्लियर करते हैं किसान कर्जमाफी का कन्फ्यूजन.

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किसान कर्ज माफ़ी की शुरुआत
- सीएम का पद ग्रहण करते ही कमलनाथ ने 31 मार्च, 2018 तक लिए गए किसानों के दो लाख तक के कर्जो को माफ़ करने का ऐलान किया.
- राहुल गांधी ने चुनावी अभियान में वायदा किया था कि कांग्रेस की सरकार बनती है तो दस दिनों के भीतर उनके क़र्ज़ माफ़ कर दिए जाएंगे.
- कांग्रेस ने कहा था मध्य प्रदेश के उन सभी किसानों को इसका फ़ायदा मिलेगा जिन्होंने राष्ट्रीयकृत और कॉपरेटिव बैंकों से छोटे अवधि का फसल लोन दो लाख रुपए तक लिया था.
- कांग्रेस ने पहले चरण में 21 लाख किसानों के कर्ज माफ करने की बात कही थी. कांग्रेस ने कहा पहले चरण में किसानों की करीब 50 हजार की राशि माफ की गई थी और दूसरे चरण में 50 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक का किसानों का कर्ज माफ किया गया था.
- कर्जमाफी को लेकर बीते दिनों पूर्व सीएम कमल नाथ ने ग्वालियर में एक जनसभा के दौरान कहा था कि उनकी सरकार के दौरान राज्य में 26 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया था. इस दौरान कर्जामाफी को लेकर उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान को चुनौती भी दी थी. उन्होंने कहा था कि वे कर्जमाफी के मुद्दे पर सीएम शिवराज सिंह चौहान से कही भी बहस के लिए तैयार हैं.

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20 लाख 23 हजार किसानों के कर्ज माफ किए गए
कमलनाथ ने कहा पहले चरण में 2 लाख रुपए तक कर्ज और 50 हजार तक के चालू खातों के कर्ज को माफ किया, जिसमें कुल  प्रदेश के 20 लाख 23 हजार किसानों के ऋण माफ किए गए है. इस पर जब सवाल उठाए गए, तब हमने कर्ज माफी वाले किसानों की पूरी प्रमाणित सूची उपलब्ध करा दी थी. कमलनाथ ने कहा एक जून से हम तीसरे चरण में किसानों के एक से दो लाख रुपये तक के चालू खातों की ऋणमाफी की प्रक्रिया पूरी करने वाले थे, लेकिन कांग्रेस सरकार को आलोकतांत्रिक तरीके से गिराकर किसानों की ऋणमाफी की प्रकिया रोक दिया गया. उन्होंने शिवराज सरकार से पूछा कि किसानों की ऋणमाफी की तीसरे चरण की जो प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, वह कब शुरू होगी?

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शिवराज के कमलनाथ से चार सवाल थे
किसान कर्जमाफी को लेकर शिवराज सरकार ने कमलनाथ से 4 सवाल पूछा था. उन्होंने कहा
1- क्या आपने सभी किसानों का दो लाख तक का कर्जमाफ करने का वादा नहीं किया था?
2- क्या कर्जमाफी की कोई समय सीमा तय की गई थी?
3- क्या कांग्रेस ने ऐसा कहा था कि एक बैंक का कर्जमाफ किया जाएगा, दूसरे का नहीं?
4- दो लाख से अधिक कर्ज वाले किसानों का दो लाख भी कर्ज माफ क्यों नहीं किया गया?

कभी हां तो कभी ना
मध्य प्रदेश में किसान कर्ज माफी को लेकर अब तक कांग्रेस पर हमलावर बीजेपी ने माना है कि कमलनाथ सरकार में किसान कर्ज माफी हुई है. विधानसभा में कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के एक सवाल पर कृषि मंत्री कमल पटेल ने जवाब दिया था कि प्रदेश में 51 जिलों में किसान कर्ज माफी हुई है. शिवराज सरकार ने विधानसभा में बताया कि 27-12-2019 से पहले किसान कर्ज माफी का पहला चरण और 27-12-2019 के बाद किसान कर्ज माफी का दूसरा चरण चलाया गया था. इसमें प्रदेश सरकार ने माना कि किसानों का एक लाख रुपए तक का कर्जा माफ हुआ है. राज्य सरकार के विधानसभा में दिए गए जवाब के मुताबिक, प्रदेश के सभी जिलों में किसान कर्ज माफी हुई है.

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गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों की जांच कराएंगे: कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह
शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह ने अपने ताजा बयान में कहा कि कमलनाथ सरकार के दौरान कर्जमाफी नहीं हुई है. विधानसभा में अधिकारियों द्वारा दी गयी किसान कर्ज माफी की जानकारी गलत है. उन्होंने कहा कि इस बात की जांच कराएंगे कि अधिकारियों ने गलत जानकारी क्यों दी?

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