लोगों की जिंदगी बचाने के लिए युवाओं ने लिया सोशल मीडिया का सहारा, व्हाट्सएप के जरिए जुटाते हैं ब्लड

सरकारी अस्पताल के ब्लडबैंक में रक्त की उपलब्धता की कमी नहीं होती और अगर अतिरिक्त रक्त की जरूरत होती है तो एक साथ कई लोग मदद के लिए सामने आ जाते हैं. सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव के बीच यह सकारात्मक खबर सामने आई है.

लोगों की जिंदगी बचाने के लिए युवाओं ने लिया सोशल मीडिया का सहारा, व्हाट्सएप के जरिए जुटाते हैं ब्लड
(सांकेतिक तस्वीर)

शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के युवाओं ने बीमार मरीजों की मदद और रक्त संग्रह के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है. इस कोशिश का नतीजा है कि सरकारी अस्पताल के ब्लडबैंक में रक्त की उपलब्धता की कमी नहीं होती और अगर अतिरिक्त रक्त की जरूरत होती है तो एक साथ कई लोग मदद के लिए सामने आ जाते हैं. सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव के बीच यह सकारात्मक खबर सामने आई है. राजधानी से लगभग 300 किमी दूर स्थित शिवपुरी जिले में मंगलम स्वयंसेवी संस्था ने व्हाट्सएप पर रक्तदान ग्रुप बनाया है. इस ग्रुप से युवाओं को जोड़ा गया है, जो रक्तदान को बढ़ावा देने के साथ रक्त की कमी को दूर करने में अहम भूमिका निभा रहा है. यह संस्था बीमार और जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराती है.

व्हाटसएप ग्रुप के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और संचालनकर्ता अमित खंडेलवाल ने कहा, "शिवपुरी के जिला चिकित्सालय में पहले रक्त की बहुत कमी रहती थी. लोग रक्तदान करने से भी कतराते थे. इसी बात को ध्यान में रख हमारी टीम ने सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग किया और रक्तदाताओं का एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया. इस व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से हम लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं और अलग-अलग ग्रुप से 500 से ज्यादा लोग जुड़े हैं."

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मंगलम संस्था से जुड़े समाजसेवी हरिओम अग्रवाल ने बताया, "इस संस्था के ग्रुप के सदस्यों ने बीमार मरीजों व जरूरतमंदों को शिवपुरी ही नहीं, अपितु ग्वालियर, दिल्ली, कोटा तक भी अपने रक्तदाताओं को भेजकर निशुल्क रक्त उपलब्ध कराया है. इसके अलावा कुपोषण प्रभावित शिवपुरी जिले में आदिवासी कुपोषित बच्चे जो पोषण पुर्नवास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती किए जाते हैं, इन बच्चों को भी रक्त दिया गया है."

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कुल मिलाकर इस ग्रुप के बनने से अब जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में रक्त की कमी नहीं रहती है. यदि किसी ब्लड ग्रुप का रक्त नहीं भी होता है तो इस ग्रुप के टीम सदस्यों को कॉल कर बुला लिया जाता है जो रक्तदान करता है. संस्था के वैभव कबीर ने बताया, "हमारी टीम का हर सदस्य आगे बढ़कर काम कर रहा है." एक रक्तदाता मोहित गुप्ता ने कहा कि वह इस ग्रुप के टीम मेंबर की प्रेरणा से ही हर तीन-चार माह में एक बार रक्तदान करने आते हैं और इससे बीमार मरीज व जरूरतमंद की मदद होती है.

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शिवपुरी जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अनुराग तिवारी ने कहा, "चिकित्सालय में एक समय ब्लड की भारी कमी रहती थी, लेकिन मंगलम ग्रुप के माध्यम से अब सभी ब्लड ग्रुप का रक्त उपलब्ध है." उन्होंने बताया, "जब भी हमें किसी बीमार मरीज व जरूरतमंद के लिए ब्लड की जरूरत होती है तो यह ग्रुप रक्तदाता को प्रेरित करता है और उसे रक्तदान के लिए आगे लाता है. इतना ही नहीं यहां पर इस ग्रुप ने कई रक्तदान शिविर भी लगवाए हैं."