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अवैध उत्खनन में गोताखोरों की मदद ले रहे हैं माफिया, नदी में सैकड़ों फीट की गहराई से निकाली जा रही है रेत

रेत माफिया गोताखारों से सैकड़ो फीट गहराई में गोता लगाकर रेत निकलवा रहे हैं. तगारी लेकर गोताखोर पानी में गोता लगाते हैं और रेत भरकर पानी से निकलते हैं. पास ही नाव रहती है, जिसमें वह निकाली हुई रेत भरते हैं.

अवैध उत्खनन में गोताखोरों की मदद ले रहे हैं माफिया, नदी में सैकड़ों फीट की गहराई से निकाली जा रही है रेत

बुरहानपुरः ताप्ती नदी में राजघाट क्षेत्र से लगातार रेत का अवैध खनन जारी है. रेत माफिया गोताखारों से सैकड़ो फीट गहराई में गोता लगाकर रेत निकलवा रहे हैं. तगारी लेकर गोताखोर पानी में गोता लगाते हैं और रेत भरकर पानी से निकलते हैं. पास ही नाव रहती है, जिसमें वह निकाली हुई रेत भरते हैं. जब नाव पूरी भर जाती है तब नाविक किनारे तक रेत लेकर आता है. यहां से ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में भरकर रेत का परिवहन किया जाता है. पूरे राजघाट क्षेत्र में जगह-जगह ये नजारा रहता है. हर दिन सैकड़ो ट्रॉली रेत निकाली जाती है. जबकि अभी बाढ़ का पानी है. बहाव तेज है. रेत माफिया गोताखोरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं. काली कमाई के लिए दूसरों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि किसी भी दिन बड़ी घटना हो सकती है.

हर दिन खुलेआम रेत का अवैध खनन होने के बावजूद जिम्मेदार कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. खनिज विभाग को दल, बल के साथ मौके पर जाकर अवैध रेत खनन पर कार्रवाई करना चाहिए, लेकिन अफसर परिवहन कर रही ट्रेक्टर-ट्रालियों को रोककर एक दो केस बना देते हैं. उधर घाटों से लगातार रेत से भरी ट्रेक्टर-ट्रॉलियां निकलती रहती हैं. अवैध रेत माफिया नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं. एनजीटी के आदेश है कि पानी में से रेत नहीं निकालना है. सिर्फ किनारे से ही रेत निकालकर परिहवन किया जा सकता है. बावजूद इसके बीच नदी, नालों में रेत निकाली जा रही है. इसके अलावा कई ऐसे नियम है जिनका उल्लंघन हो रहा है. 

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नीलामी के बाद खदानों की स्वीकृति है तो भी पानी के अंदर से रेत नहीं निकाली जा सकती है, लेकिन होता ये है कि, स्वीकृत खदानों में से भी पानी के अंदर से रेत निकालवाई जाती है. इस पर प्रशासन को ध्यान देकर रोक लगाना होगी. अभी जिले में किसी भी रेत खदान की नीलामी नहीं हुई है. बावजूद इसके रेत निकाली जा रही है और खनिज विभाग इस पर रोक नहीं लगा पा रहा है. मतलब खनिज विभाग के सामने शासन को एक दिन में लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है. नीलामी नहीं होने तक खनिज विभाग को अवैध रेत माफियाओं पर निगरानी रखकर नियंत्रण करना होगा.

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एसडीएम काशीराम बडोले ने बताया की खनिज निरीक्षक को बताया गया है कि जो अवैध रूप से निकाल रहे हैं, गोताखोर हों या अन्य हों, उनके खिलाफ कार्रवाई करें. इस संबंध में जैसे ही समय मिलेगा उस स्थान पर निरीक्षण करूंगा. कार्रवाई करूंगा. अब तक खनिज ने कार्रवाई की है. मैंने भी दो से तीन कार्रवाई की है. प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अवैध खनन रोकने के लिए जिला प्रशासन को कड़े निर्देश देने की बात कही है.