महासमुंदः कार की सीट में लॉकर बनाकर छिपा रखे थे रुपये, पुलिस जांच में पकड़े गए 11 करोड़

कमलेश शाह ने दावा किया है कि पकड़े गए 10 करोड़ 90 लाख रुपये उसके थे, लेकिन वहीं आयकर विभाग की जांच में कमलेश को फ्रॉड बताया गया है. विभाग का कहना है कि रुपये आगरा के सर्राफा व्यापारी अवधेश अग्रवाल के ही हैं.

महासमुंदः कार की सीट में लॉकर बनाकर छिपा रखे थे रुपये, पुलिस जांच में पकड़े गए 11 करोड़
(फोटो साभारः youtube)

महासमुंदः छत्तीसगढ़ के महासमुंद में 19 फरवरी को खल्लारी थाना पुलिस के जांच के दौरान एक वाहन से मिले 10 करोड़ 90 लाख मामले में एक नया मोड़ आ गया है. जहां पुलिस को जब यह रुपये मिले तो पुलिस ने कार में सवार सभी युवकों को हिरासत में ले लिया, जिन्होंने ये रुपये आगरा के सर्राफा व्यापारी अवधेश अग्रवाल के होने के बारे में कहा था, लेकिन मामला तब उलझ गया जब व्यापारी रुपये उसके होने की बात से साफ-साफ मुकर गया. वहीं यह गुत्थी तब और उलझ गई, जब गुजरात के एक व्यपारी कमलेश शाह ने यह रुपये उसके होने की बात कही. कमलेश शाह ने दावा किया है कि पकड़े गए 10 करोड़ 90 लाख रुपये उसके थे, लेकिन वहीं आयकर विभाग की जांच में कमलेश को फ्रॉड बताया गया है. विभाग का कहना है कि रुपये आगरा के सर्राफा व्यापारी अवधेश अग्रवाल के ही हैं, लेकिन पकड़े जाने के डर से वह झूठ बोल रहा है.

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बता दें महासमुंद के खल्लारी में पुलिस ने बीते 19 फरवरी को एक यूपी के नंबर वाली कार पकड़ी थी. जांच के दौरान पुलिस को गाड़ी मे 10 करोड़ 90 लाख की बड़ी खेप हाथ लगी, जिस पर पुलिस ने कार सवार चारों युवकों को पकड़ लिया और पूछताछ शुरू कर दी. जिस पर युवकों ने ये पैसे आगरा के अवधेश अग्रवाल के होने की बात कही. कार में आगरा के रहने वाले प्रहलाद, बनवारी, मोहम्मद इब्राहिम और नजमा बैठे हुए थे. पूछताछ के दौरान चारों संदिग्धों ने बताया है कि ये रुपये आगरा के अवधेश अग्रवाल के थे, जो कटक में ड्यू पेमेंट के लिए ले जाए जा रहे थे. करोड़ों रुपयों का कोई वैद्य उत्तराधिकारी नहीं मिलने के बाद रुपये आयकर विभाग के खजाने में रख दिए गए हैं.

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महासमुंद अतिरिक्त पुलिस बल के अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि वाहन चैकिंगके दौरान पुलिस बल ने आगरा की ओर जा रही एक कार को रोका. कार सवार युवकों को देखकर पुलिस को कुछ आशंका हुई और पुलिस ने कार की तलाशी शुरू की. जिसके बाद पुलिस को कार में 10 करोड़ 90 लाख रुपये मिले, लेकिन संदिग्धों के पास रुपये से संबंधित कोई कागजात नहीं थे, जिसके बाद संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया और पूछताछ शुरू की गई. जिसके बाद संदिग्धों ने बताया कि रुपये आगरा के सर्राफा व्यापारी अवधेश अग्रवाल के हैं.