इस BJP विधायक ने किया CAA का विरोध, कहा- फैसले से बन रहे हैं गृह युद्ध के हालात

बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी इससे पहले भी मध्य प्रदेश विधानसभा में मत विभाजन के दौरान पार्टी लाइन छोड़कर कमलनाथ सरकार के पक्ष में मतदान कर चुके हैं. 

इस BJP विधायक ने किया CAA का विरोध, कहा- फैसले से बन रहे हैं गृह युद्ध के हालात
नारायण त्रिपाठी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि सीएए के कारण हिंदुस्तान गृह क्लेश की स्थिति में आ गया है. देश में गृह युद्ध जैसे हालात हो गए हैं.

विवेक पटैया/भोपाल: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में बीजेपी देशभर में जन जागरण अभियान चला रही है. वहीं, बीजेपी के इस अभियान को मध्य प्रदेश के मैहर से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ही पलीता लगाते नजर आ रहे हैं. दरअसल, विधायक नारायण त्रिपाठी ने एकबार फिर से पार्टी लाइन से हटकर सीएए का विरोध किया है. बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने सीएए का विरोध करते हुए कहा कि सीएए से देश में गृह युद्ध जैसे हालात हो गए हैं. 

बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि बाबा साहब आंबेडकर के बनाए हुए संविधान से देश चल रहा है. धर्म के आधार पर देश का बंटवारा नहीं हो सकता. धर्म के आधार पर नागरिकता का बंटवारा नही हो सकता. बीजेपी विधायक ने कहा कि स्वास्थ्य, बेरोजगारी, शिक्षा पर चर्चा होनी चाहिए. लेकिन, इन विषय को चर्चा से दूर करके हम सीएए जैसे विषय में लगे हैं, जिससे देश में गृह क्लेश हो जाए. उन्होंने कहा कि गांव मे भाईचारा खत्म हो रहा है. आपसी संबंध खत्म हो रहे हैं.

नारायण त्रिपाठी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि सीएए के कारण हिंदुस्तान गृह क्लेश की स्थिति में आ गया है. देश में गृह युद्ध जैसे हालात हो गए हैं. यही होता रहा तो, ये देश कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा. वहीं, पार्टी लाइन से हटकर सीएए का विरोध करने के सवाल पर नारायण त्रिपाठी ने कहा कि यह मेरा निजी विचार है. मैं गांव में जाता हूं और देखता हूं कि गांव में गरीब का निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पाता है. वो नागरिकता के लिए कहां से कागज इकट्ठा करेगा. गरीब को अपनी नागरिकता सिद्ध करने के लिए भटकना पड़ेगा. 

वहीं, धारा 370 हटाने पर अमित शाह की तारीफ करने और सीएए पर विरोध करने के सवाल पर नारायण त्रिपाठी ने कहा कि जब जहां मुझे जो ठीक लगेगा, मैं समर्थन करूंगा. ऐसा थोड़ी है कि कोई एक बार अच्छा फैसला कर दे और हर बार गलत फैसला करे तो, मैं उसका समर्थन करूं. जहां मुझे गलत लगेगा तो मैं विरोध करूंगा. गौरतलब है कि नारायण त्रिपाठी इससे पहले भी मध्य प्रदेश विधानसभा में मत विभाजन के दौरान पार्टी लाइन छोड़कर कमलनाथ सरकार के पक्ष में मतदान कर चुके हैं. 

बता दें कि इसके बाद नारायण त्रिपाठी के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं. हालांकि, कुछ समय बाद नारायण त्रिपाठी बीजेपी कार्यालय पहुंचे थे और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह से मुलाकात की थी. उस समय त्रिपाठी ने कहा था कि मैं बीजेपी में ही हूं और बीजेपी में ही रहूंगा. वहीं, अब सीएए का विरोध करके नारायण त्रिपाठी ने फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है. अब देखना होगा कि पार्टी लाइन से हटकर सीएए का विरोध करने पर बीजेपी अपने विधायक पर कब तक कार्रवाई करती है.