मंदसौर रेप केस: बच्ची का फोटो ले रही नर्स पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के मंदसौर में बच्ची से दुष्कर्म की घटना के बाद इंदौर के एमवाय अस्पताल में बच्ची का इलाज किया जा रहा है.

मंदसौर रेप केस: बच्ची का फोटो ले रही नर्स पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली/इंदौर: मध्य प्रदेश के मंदसौर में बच्ची से दुष्कर्म की घटना के बाद इंदौर के एमवाय अस्पताल में बच्ची का इलाज किया जा रहा है. डॉक्टरों की टीम बच्ची के इलाज में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है. वहीं दुष्कर्म की शिकार बच्ची की देखभाल के लिए तैनात नर्स ने असंवेदनशीलता की हदें पार करते हुए मासूम की फोटो लेने के अपराध को अंजाम दे दिया. नर्स पर पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने आशंका जताई है कि किसी को फोटो भेजने के लिए नर्स द्वारा फोटो ली गई हैं. आपको बता दें कि प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 बच्चों को छेड़खानी, बलात्कार और कुकर्म जैसे मामलों से सुरक्षा प्रदान करता है. इस कानून के तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है. इस कानून में 46 अलग-अलग धाराएं हैं.

पॉक्सो एक्ट की धारा 23 के तहत केस दर्ज
पुलिस का कहना है कि एमवाय अस्पताल के वार्ड में भर्ती बच्ची बुधवार शाम सो रही थी, तभी ड्यूटी पर तैनात नर्स रमा कुशवाह मासूम की फोटो लेने लगी. रमा को फोटो लेते वहां तैनात मंदसौर की डीएसपी लक्ष्मी सेतिया ने देख लिया. उन्होंने तत्काल आला अधिकारियों को जानकारी दी. डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने इसकी पुष्टि की है. नर्स को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है. नर्स के खिलाफ जेजे एक्ट, पॉक्सो एक्ट (धारा 23) व आईपीसी की धारा 228(क) में केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने बताया कि नर्स पर पॉक्सो एक्ट की धारा 23 के तहत केस दर्ज किया गया है. इस धारा के मुताबिक पीड़ित का नाम, पता, तस्वीर, स्कूल या परिवार की पहचान उजागर करने की मंशा रखते हुए कोई टिप्पणी या रिपोर्ट नहीं की जा सकती है. इस धारा में 6 माह से एक साल तक की सजा या जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है.

कांग्रेस के नेताओं पर भी लगे आरोप
वहीं, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन और एक अन्य कांग्रेसी नेता द्वारा भी बच्ची के नाम लिखे पोस्टर लगाने की खबर सामने आ रही है. पुलिस का कहना है कि पीड़िता के प्रति असंवेदनशीलता दिखाने वाले किसी भी व्यक्ति पर कार्रवाई के लिए पुलिस स्वतंत्र है. अगर साक्ष्य मिलेंगे तो, नेताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के मंदसौर और सतना की घटनाओं के बाद से पूरे देश में गुस्सा व्याप्त है. वहीं, सोशल मीडिया पर भी बच्ची की पुरानी तस्वीरें और अस्पताल की फर्जी फोटो जमकर वायरल हो रही हैं.