अनोखी शादी: मुर्गी से शादी के लिए ऑटो में बारात लेकर पहुंचा मुर्गा, बत्तख भी बनी बाराती

कालिया से शादी से पहले सुंदरी की ओर से कई शर्तें रखी गई थीं. शर्तें थीं कि, जिस मुर्गे के घर में शौचालय हो, गैस पर खाना पकाते हों, साथ ही प्रधानमंत्री आवास भी हो वहीं पर शादी की जाएगी.

अनोखी शादी: मुर्गी से शादी के लिए ऑटो में बारात लेकर पहुंचा मुर्गा, बत्तख भी बनी बाराती
सुंदरी और कालिया की शादी रस्मों के अनुसार ही हुईं (फोटो-ANI)
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नई दिल्ली: अब तक आपने कई अनोखी शादियों के बारे में पढ़ा होगा, लेकिन छत्तीसगढ़ में जो शादी हुई वो इतनी रोचक थी कि सुर्खियों का हिस्सा बन गई. राज्य के दंतेवाड़ा में किसी इंसान की शादी की तरह मुर्गा और मुर्गी का धूमधाम से विवाह किया गया. इस अनोखी शादी का हिस्सा बनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे. वहीं बारातियों में बत्तख जैसे जानवर भी शामिल हुए. लेकिन ये विवाह इतना भी आसान नहीं था. मुर्गी ने मुर्गे के सामने शादी को लेकर कई शर्तें रखी थीं, जिसके पूरे होने पर ही ये विवाह संपन्न हो सका. दूल्हा-दुल्हन बनने वाले मुर्गा-मुर्गी कड़कनाथ प्रजाति के थे.

दरअसल, दंतेवाड़ा में आदिवासियों द्वारा एक अनोखा विवाह किया गया. विशेष मुर्गा प्रजाति कड़कनाथ के मुर्गा-मुर्गी के बीच ये शादी हिरानार में स्वसहायता समूह की महिलाओं व कासोली समूह की महिलाओं के द्वारा तीन मई को करवाया गया. आदिवासी संस्कृति में जिस तरह युवक युवतियों का विवाह होता है उसी तरह इस शादी के समारोह का भी आयोजन किया गया था. मुर्गे का नाम कालिया तो मुर्गी का नाम सुंदरी था.

शादी से पहले मुर्गी ने रखी ये शर्त
कालिया से शादी से पहले सुंदरी की ओर से कई शर्तें रखी गई थीं. शर्तें थीं कि, जिस मुर्गे के घर में शौचालय हो, गैस पर खाना पकाते हों, साथ ही प्रधानमंत्री आवास भी हो वहीं पर शादी की जाएगी. इन सभी शर्तों पर कालिया खरा उतरा, तभी विवाह की बात आगे बढ़ाई गई.

धूमधाम से हुई शादी
रिश्ता पक्का होते ही सुंदरी और कालिया की रीति रिवाज के साथ सगाई कर दी गई, जिसके बाद शादी की तारीख तय की गई. कालिया को उसके घर पर तेल और हल्दी चढ़ाई गई. सुंदरी को भी हल्दी लगाई गई. तीन मई को कालिया ऑटो में बारात लेकर सुंदरी को लेने पहुंचा. इस बारात में बच्चों व बड़ों के साथ ही बत्तख भी शामिल थी. विवाह समारोह स्थल सजा हुआ था और वहां लोगों ने ढोल की थाप पर जमकर नाच-गाना किया. सुंदरी और कालिया की शादी भी रस्मों के अनुसार ही हुईं. विवाह संपन्न होते ही आतिशबाजियां की गईं और लोगों ने दावत का मजा लिया.

ये थी शादी की वजह
जानकारी के मुताबिक, इस शादी को करवाने के पीछे एक खास वजह थी. दरअसल, कड़कनाथ की प्रजाति छत्तीसगढ़ में काफी खास मानी जाती है. इस प्रजाति को काफी पौष्टिक और स्वाद के लिए जाना जाता है. इस प्रजाति के मुर्गों के पालन व इसके फायदे के बारे में लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से कड़कनाथ प्रजाति के कालिया और सुंदरी के विवाह का आयोजन किया गया.