उज्जैन में होगा शिव-पार्वती का विवाह, बारात में झूमेंगे भूत-प्रेत और अन्य बाराती

सबसे पहले भोलेनाथ और मां पार्वती की बारात निकाली जाएगी. इस बारात में भूत प्रेत, पिशाच, चुड़ैल और भक्त बारातियों के रूप में  शामिल होंगे. ये वर-वधु यात्रा नगरकोट मंदिर से सुबह 11:00 बजे शुरु की जाएगी और शहर के बीच से होते हुए रुद्रसागर पांडाल हरसिद्धि मंदिर के पास पहुंचकर इसकी समाप्ति की जाएगी. 

उज्जैन में होगा शिव-पार्वती का विवाह, बारात में झूमेंगे भूत-प्रेत और अन्य बाराती
महाकाल में शिव-पार्वती का विवाह

उज्जैन: हमारे समाज में आमतौर पर शादीयां बहुत धूम-धाम से रिति रिवाज के साथ की जाती हैं. जिसमें हल्दी, मेहंदी, लेडीज संगीत से लेकर रिसेप्शन तक किया जाता है. उज्जैन में भी हर साल ठीक इसी तरह की एक शादी का आयोजन होता है, मगर ये शादी कोई आम शादी नहीं बल्कि भोलेनाथ और मां पार्वती की है. जहां बकायदा न्योते के लिए कार्ड भी झपवाए जाते हैं और सारे कार्यक्रम की जानकारी भी दी जाती है. इस साल ये विवाह महाकाल उज्जैन में 7 मार्च को संपन्न होगा. 

बता दें कि सबसे पहले भोलेनाथ और मां पार्वती की बारात निकाली जाएगी. इस बारात में भूत प्रेत, पिशाच, चुड़ैल और भक्त बारातियों के रूप में  शामिल होंगे. ये वर-वधु यात्रा नगरकोट मंदिर से सुबह 11:00 बजे शुरु की जाएगी और शहर के बीच से होते हुए रुद्रसागर पांडाल हरसिद्धि मंदिर के पास पहुंचकर इसकी समाप्ति की जाएगी. 

 

 

दोपहर 1:00 बजे महिला संगीत का कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें भजन किर्तन होगा और दर्शनाभिलाषी के रूप में रिद्धि, सिद्धि, श्री गणेश, कार्तिकेय (पुत्र) अशोक सुंदरी -नवुस (दामाद) तथा नंदी, मान भद्र वीरभद्र, घंटाकरण ,मणिभद्र, कीर्तिसुख, सूर्यमुखी हनुमान आदि स्वागत के लिए खड़े होंगे. स्वागत में 33 करोड़ देवी- देवता व समस्त अवंतिका वासी शामिल रहेंगे. 

इस विवाह का आयोजन श्री महाकाल शयन आरती भक्त परिवार द्वारा किया जाता है. इस भक्त परिवार मंडल के सदस्य महेंद्र कटियार ने बताया कि यह आयोजन करीब 20 साल पहले बहुत छोटे स्तर पर शुरु किया गया था. आज इस विवाह समारोह में करीब  30 से 50 हजार श्रद्धालु आते हैं और विवाह का आनंद लेते हुए भोजन करते हैं. 

उन्होंने बताया कि इस आयोजन में जो भी खर्चा होता है संस्था के सदस्य और भक्त मिलजुल कर करते हैं. इस विवाह समारोह में किसी प्रकार का कोई  विघ्न ना आए इसके लिए जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन और पुलिस प्रशासन के कड़े प्रबंध किए जाते हैं. इस विवाह में नेता, मंत्री , सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी आम जनता की तरह ही शामिल होते हैं.