शहीद औरंगजेब के माता-पिता ने इंदौर में फहराया तिरंगा

शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद औरंगजेब के माता-पिता ने कहा कि सेना कभी गलत नहीं करती है. अगर, सैनिकों पर पत्थर बरसाए जाएंगे तो जवाब जरूर दिया जाएगा.

शहीद औरंगजेब के माता-पिता ने इंदौर में फहराया तिरंगा
शहीद औरंगजेब और उनके माता-पिता.
Play

संदीप पंवर, इंदौर: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शहीद औरंगजेब के माता-पिता ने इंदौर में ध्वजारोहण किया. ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन अपना समूह तिरंगा अभियान समिति ने किया था. इस मौके पर शहीद औरंगजेब के पिता मोहम्मद हनीफ ने जी मीडिया से खुल कर बात की और कई मुद्दों पर अपनी राय रखी. जी मीडिया से बातचीत में मोहम्मद हनीफ ने कहा कि फौज कभी गलती नहीं करती है. फौज के गले काटे जाएं और पत्थर बरसाए तो फौज भी उसका जवाब देगी ही. कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मेरे दिल को तसल्ली तब मिलेगी जब तक कश्मीरी पंडित अपनी जगह में वापस न आ जाएं और दुश्मनों का खात्मा ना हो जाए. कश्मीर अगर पाकिस्तान से मिलकर हमारे बच्चों के गले कटवा रहा है तो ये अच्छी बात नहीं है. कश्मीरियों पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीरी अकेले रहना चाहते हैं जो कि गलत है. हम हिंदुस्तानी हैं और हमें एक होकर रहना चाहिए. हमें घर में लड़ना नहीं चाहिए.

आतंकवाद पर बेबाकी से बोलते हुए शहीद औरंगजेब के पिता हनीफ ने आतंकवादियों को चेतावनी देते हुए कहा कि मैं अकेला हनीफ नहीं हूं मेरे पीछे करोड़ों हनीफ खड़े हैं. अच्छा है आतंकी खुद हथियार डाल कर चले जाएं. अगर आतंकी ऐसा नहीं करते हैं तो उनके साथ वो सलूक होगा जो किसी के साथ नहीं हुआ है, क्योंकि हम गोलियां या पत्थर खाने के लिए पैदा नहीं हुए हैं.

VIDEO: मौत को सामने देखकर भी औरंगजेब को नहीं था डर, आतंकियों की आंखों में आंखें डाल दिए थे जवाब

बेटे औरंगजेब की शहादत के बाद पिता हनीफ के इरादे और बुलंद हो गए हैं. जिसका अंदाजा उनके आतंकियों के ऊपर दिए बयान से लगा सकते हैं. उनका कहना है कि "हमने कसम खाई है जब तक इन गुंडों को बाहर नहीं निकाल दे, तब तक चैन नहीं आएगा". बेटे की मौत से जहां अक्सर माता-पिता टूट जाते हैं, वहीं शहीद औरंगजेब के पिता हनीफ आतंकवादियों से लड़ने और सब को एक होने के लिए बोल रहे हैं. उनका कहना है कि हम सभी हिंदुस्तानी हैं. हमको एक होकर रहना चहिए.

आतंकवादियों ने इसी साल जून में औरंगजेब को पुलवामा से अगवा करके उनकी बर्बरता से हत्या कर दी थी. उस वक्त वह ईद मनाने के लिए छुट्टी पर अपने घर जा रहे थे. 44 राष्ट्रीय राइफल्स से ताल्लुक रखने वाले औरंगजेब का गोलियों से छलनी शव पुलवामा में कलामपुरा से करीब 10 किलोमीटर दूर मिला था.

शहीद औरंगजेब के छोटे भाई ने दिखाया बुलंद हौसला, बोला- मैं भी सेना में भर्ती होऊंगा

राइफलमैन औरंगजेब को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा. शहीद बेटे को सम्मान मिलने से माता-पिता को बहुत खुशी है. राइफलमैन औरंगजेब समेत सशस्त्र बलों के 20 कर्मियों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा. औरंगजेब को पुरस्कार पिछले साल छह नवंबर को दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान में वीरता दिखाने के लिए दिया गया है. शहीद औरंगजेब की यूनिट में रहे साथियों को भी उनको शौर्य चक्र से सम्मानित होने करने पर गर्व है.