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रतलाम: नाबालिग ने शादी से किया इंकार, परिवार के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट

बाल विवाह को लेकर कितने ही नियम क्यूं न हों, कितनी ही योजनाएं क्यूं न चलाई गई हों, लेकिन इसे लेकर आज भी कहीं न कहीं समाज में जागरुकता की कमी है.

रतलाम: नाबालिग ने शादी से किया इंकार, परिवार के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट
बच्ची ने माता-पिता को शादी के लिए मना किया था (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्लीः बाल विवाह को लेकर कितने ही नियम क्यूं न हों, कितनी ही योजनाएं क्यूं न चलाई गई हों, लेकिन इसे लेकर आज भी कहीं न कहीं समाज में जागरुकता की कमी है. सरकार लाख कोशिशों के बाद भी कई इलाकों में इस प्रथा पर रोक लगाने में नाकामयाब रही है. कड़े प्रावधानों के बाद भी लोग बाल विवाह कराने से बाज नहीं आ रहे. हालात अब ऐसे हो गए हैं कि बच्चों को खुद ही अपने जीवन को संवारने के लिए प्रशासन को अपने साथ हो रहे अन्याय से अवगत कराना पड़ रहा है.

रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंच गई थाने 
दरअसल, हाल ही में रतलाम में एक मामला सामने आया है. रतलाम में एक नाबालिग बच्ची का रिश्ता बिना उसे बताए तय कर दिया गया और 12 मार्च को उसकी सगाई कर दी गई. लेकिन बच्ची इस शादी के लिए तैयार नहीं थी. उसने अपने माता-पिता से शादी न करने की बात कही. लेकिन माता-पिता ने बच्ची की बात नहीं मानी और उसे सरवन में अपने दादा-दादी के यहां रहने भेज दिया. वापस आने पर घर पर बच्ची ने अपनी शादी का कार्ड देखा तो वह सीधे महिला थाने पहुंच गई. वहां पहुंच कर उसने अपने विवाह को लेकर अपने परिवार के खिलाफ प्रशासन को अवगत कराया. जिसके बाद बच्ची को महिला सशक्तिकरण कार्यालय लाया गया. 

पढ़ना चाहती थी लड़की
महिला सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया कि बांसवाड़ा में नाबालिग का रिश्ता तय किया गया था. जिसके बाद 12 मार्च को उसकी सगाई कर दी गई. लेकिन शादी के लिए बच्ची अभी तैयार नहीं थी. उसने खुद अपने माता-पिता को शादी के लिए मना किया था क्योंकि अभी वह और पढ़ना चाहती थी. इसके साथ ही लड़की ने लड़के को भी फोन पर अपने नाबालिग होने और आगे कि पढ़ाई करने की बात कही थी. लेकिन शादी कैंसल करने की जगह बच्ची को उसके दादा-दादी के पास रहने भेज दिया गया.

घर वालों समझाने की कोशिश जारी
सरवन से वापस आने के बाद उसे घर पर अपनी शादी का कार्ड देखकर पता चला कि 5 मई को उसकी शादी होने वाली है. जिसके बाद नाबालिक मौका मिलते ही थाने आ पहुंची, जहां से उसे महिला सशक्तिकरण कार्यालय लाया गया. महिला सशक्तिकरण अधिकारी ने सारी जानकारी लेने के बाद लड़की के माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश की है. माता-पिता से संपर्क होने के बाद उन्हें शादी न करने की समझाइश दी जाएगी. महिला सशक्तिकरण अधिकारी ने कहा है कि लगातार बाल विवाह को लेकर जागरुकता की कोशिश की जा रही है. लेकिन समाज में इसे लेकर आज भी कहीं न कहीं जागरुकता का आभाव है.