मंदसौर : बीजेपी नेता की हत्या, शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कमलनाथ को खत

कमलनाथ को पत्र लिखकर शिवराज ने कहा, 'इन घटनाओं से प्रतीत होता है प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आते ही आपराधिक तत्वों राजनैतिक संरक्षण मिलना प्रारम्भ हो गया है.

मंदसौर : बीजेपी नेता की हत्या, शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कमलनाथ को खत
बीजेपी के नेता प्रह्लाद बंधवार की अज्ञात लोगों ने गुरुवार शाम गोली मार हत्या कर दी गई (फाइल फोटो)

इंदौर (मनीष पुरोहित) : मध्यप्रदेश के मंदसौर में गुरुवार शाम को बीजेपी नेता प्रहलाद बंधवार की गोली मारकर हत्या मामले में शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को खत लिखा है. कमलनाथ को पत्र लिखकर शिवराज ने कहा, 'इन घटनाओं से प्रतीत होता है प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आते ही आपराधिक तत्वों राजनैतिक संरक्षण मिलना प्रारम्भ हो गया है.

खत में आगे लिखा गया है कि कांग्रेस के सत्ता में आते ही एक बार फिर अपराधियों के हौंसले बुलंद हो गए हैं और सूबे की सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारियों का मनोबल धवस्त हो रहा है.

आज शिवराज जाएंगे मंदसौर
देर रात कमलनाथ को खत लिखने के बाद शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को मंसदौर का दौरा करने वाले हैं. शिवराज सुबह मंदसौर का दौरा करेंगे और वहां पर मृतक के परिजनों के मुलाकात करेंगे. शिवराज सिंह के अलावा बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह भी मंदसौर मृतक के परिजनों से मुलाकात के लिए जाने वाले हैं.

मोटर साइकिल सवार ने मारी गोली
बता दें कि गुरुवार शाम एक अज्ञात शख्स ने प्रहलाद बंधवार पर अज्ञात मोटरसाइकिल सवार ने सर में गोली मारी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बता दें कि मोटर साइकिल सवार गोली मारने के बाद अपनी मोटरसाइकिल घटनास्थल पर ही छोड़कर पैदल भाग खड़ा हुआ. 

अस्पताल में जुटे बंधवार के समर्थक
बंधवार को जब अस्पताल ले जाया गया, तब वहां बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुट गए. उसके बाद जैसे ही बंधवार की मौत की खबर मिली, लोगों ने हंगामा शुरुकर दिया. भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने कहा कि बंधवार बीजेपी के नेता थे और नगर पालिका अध्यक्ष भी थे. 

चढ़ा प्रदेश का सियासी पारा
इंदौर में कारोबारी के मर्डर के बाद अब मंदसौर नगर पालिका अध्यक्ष की हत्या के बाद बीजेपी ने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों ले लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट में लिखा है, ''हमारी सरकार के समय क़ानून व्यवस्था पर हर समय उंगलियां उठाने वाली कांग्रेस अब उन्ही उंगलियों को होंठो पर रख चुप-चाप बैठ गई है.''