MP चुनावः चाचौड़ा विधानसभा सीट पर BJP का खेल बिगाड़ने मैदान में उतरे दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह

दिग्विजय सिंह के छोटे भाई राजगढ़ जिले की चाचौड़ा विधानसभा सीट से भाजपा की ममता मीना के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे हैं.

MP चुनावः चाचौड़ा विधानसभा सीट पर BJP का खेल बिगाड़ने मैदान में उतरे दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह
फाइल फोटो

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश की चाचौड़ा विधानसभा सीट वैसे तो कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन 2013 में इस सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज कराते हुए कांग्रेस के इस गढ़ को अपने कब्जे में कर लिया. रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाली इस विधानसभा सीट के राजनीतिक इतिहास की बात की जाए तो 1951 में अस्तित्व में आई इस विधानसभा सीट पर ज्यादातर कांग्रेस का ही राज रहा है, लेकिन फिलहाल यह सीट भाजपा के पास है. ऐसे में चाचौड़ा को वापस पाने के लिए कांग्रेस ने बड़ा दांव खेलते हुए इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है.

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चाचौड़ा को वापस पाने की कोशिश में जुटी कांग्रेस
3.17 लाख जनसंख्या वाली चाचौड़ा विधानसभा सीट में 1951 में पहला विधानसभा चुनाव हुआ, जिसमें हिंदू महासभा प्रत्याशी द्वारकादास रामनारायण को जीत मिली. अंतिम 7 विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो इस सीट पर पांच बार कांग्रेस तो 2 बार भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली. 1993 से लेकर 2008 तक लगातार जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस को 2013 में चाचौड़ा विधानसभा सीट पर भारी मतों से हार का सामना करना पड़ा. जिसके बाद अब एक बार फिर कांग्रेस ने इस सीट को वापस पाने की कवायद शुरू कर दी है.

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वर्तमान समय में बीजेपी का कब्जा
भारतीय जनता पार्टी के कब्जे वाली इस सीट से फिलहाल ममता मीणा विधायक हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शिवनारायण मीणा को 34,901 वोटों के बड़े अंतर से हराया था, जबकि शिवनारायण मीणा ने इस सीट पर 1994 के उपचुनावों के अलावा 1993 के साथ ही 1998, 2003 और 2008 के विधानसभा चुनावों में भारी मतों के साथ जीत दर्ज कराई थी. बता दें 1994 के उपचुनाव में इस सीट से दिग्विजय सिंह को जीत मिली थी. 

MP Election: Digvijay Singh's brother Lakshman Singh came to the ground in Chachaura Assemly Seat
फोटो साभारः facebook/Lakshman singh raghogarh

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1990 में मिली भाजपा को जीत
चाचौड़ा में 1990 ने चाचौड़ा विधानसभा सीट पर 1990 के विधानसभा चुनाव में खाता तो खोला, लेकिन उसके बाद 1993 के विधानसभा चुनाव में यह सीट भाजपा के हाथ से खिसकर कांग्रेस के हाथ आ लगी. 1994 के उपचुनाव में इस सीट पर दिग्विजय सिंह ने जीत हासिल की. जिसके बाद 1998, 2003 और 2008 के विधानसभा चुनावों में चाचौड़ा पर कांग्रेस ही काबिज रही. वहीं 2013 में 82,779 के साथ भाजपा प्रत्याशी ममता मीणा ने चाचौड़ा विधानसभा सीट पर जीत हासिल की. उनकी तुलना में शिवनारायण मीणा को 47,878 वोट ही मिले.

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क्यों महत्वपूर्ण-
ऐसे में इस बार चाचौड़ा पर फिर अपना कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस ने अपना राम बाण चलाते हुए लक्ष्मण सिंह को इस सीट से प्रत्याशी घोषित किया है. बता दें लक्ष्मण सिंह मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के भाई हैं. अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में बने रहने वाले लक्ष्मण सिंह दो बार 1990-1992 और 1993-1994 तक विधानसभा सदस्य तो पांच बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं. राज परिवार से होने के कारण राघोगढ़ में उन्हें छोटे साहिब कहकर संबोधित किया जाता है. लक्ष्मण सिंह चाचौड़ा से वर्तमान विधायक ममता मीणा के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ेंगे.