एक विधायक ऐसी भी, जिसकी अदालत में न दलील चलती है, न अपील, सीधे सुनाती हैं फैसला

विधायक साहिबा द्वारा कभी अफसरों को फटकार, कभी मंडी कर्मचारी को गालियां, तो कभी वन अधिकारियों को धमकाने के कई वीडियो सामने आ चुके हैं.

एक विधायक ऐसी भी, जिसकी अदालत में न दलील चलती है, न अपील, सीधे सुनाती हैं फैसला
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महेंद्र दुबे, दमोहः कुछ ही समय मे पूरे देश मे मशहूर हो चुकी एमपी के दमोह से बसपा विधायक रामबाई सिंह की अदालत शुरू हो गई है जहां न कोई दलील चलती है न अपील, सीधे फैसला होता है और जब विधायक साहिबा खुद को थका महसूस करती हैं तो गोविंदा गोपाला गाकर भगवान से ये खुद जरूर अपील करती हैं कि प्रभु जी अवगुण चित ना धरो.

दमोह जिले के बटियागढ़ से मायावती की पार्टी की दबंग विधायक रामबाई सिंह महीने भर के कार्यकाल में बेहद चर्चित हो चुकी हैं. विधायक साहिबा द्वारा कभी अफसरों को फटकार, कभी मंडी कर्मचारी को गालियां, तो कभी वन अधिकारियों को धमकाने के कई वीडियो सामने आ चुके हैं. अब इन्ही विधायक साहिबा की एक नई खबर है. विधायक जी की अदालत शुरू हो गई है. जी हां अदालत. बटियागढ़ विधायक जी ने अपना अलग दरबार लगाया और दफ्तरों को छोड़ कर लोग विधायक के दरबार मे जा पहुंचे.

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यहां एक-एक कर लोगों की समस्या सुनी जा रही थी. एक किसान गोपाल पटेल ने शिकायत की कि तहसील के एक बाबू निरपत सिंह उसकी जमीन का नाप करने के लिए पांच हजार रिश्वत मांग रहे हैं. जिसमे से तीन हजार उसने बाबू को दे दिये है. ये सुनकर विधायक साहिबा आग बबूला हो गई. तहसील के बाबू को तलब किया गया और मौके पर ही किसान के तीन हजार रुपये बाबू को लौटाने पड़े.

फिर क्या था, एमएलए साहिबा कि अदालत का फैसला हो गया, किसान के चेहरे पर मुस्कान आ गई तो तहसील का बाबू ख़ौफ़ में आ गए . बाबू के काले कारनामे खुलने लगे पर इस बार विधायक रामबाई ने जरा रहम कर दिया. 

बता दें कि कुछ दिन पहले विधायका जी किसी भजन संध्या के दौरान भजन गाती हुईं भी दिखाई दी थी. लोगों का कहना है कि शायद भक्ति के असर के चलते इस बार विधायक जी ने तहसील कर्मचारी पर रहम कर दिया है.