पति की मौत का दुख भी नहीं तोड़ पाया MP की इस महिला हेड कॉन्स्टेबल का हौसला, पाया ये मुकाम

दुर्गा चारेल रतलाम जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के सबसे पिछड़े गांव केलकच्छ की रहने वाली हैं. 

पति की मौत का दुख भी नहीं तोड़ पाया MP की इस महिला हेड कॉन्स्टेबल का हौसला, पाया ये मुकाम
दुर्गा चारेल को अपने पति की इच्छा पूरी करते हुए बेहद खुशी है.

चन्द्रशेखर सोलंकी/रतलाम: स्वर्गवासी पति की इच्छा पूरी करने के लिए रतलाम की कॉन्स्टेबल दुर्गा चारेल ने बच्चों की जवाबदारी और पुलिस सेवा के 40 वर्ष की उम्र में भी मैदान में डटी रही. वहीं, आज अपने स्वर्गवासी पति की इच्छा पूरी करने के लिए इंटरनेशनल गेम्स में खेलने जा रही हैं. मास्टर एथलेटिक फेडरेशन द्वारा मलेशिया में 2 दिसंबर से 7 दिसंबर तक होने जा रहे इंटरनेशनल गेम्स कॉम्पिटिशन में रतलाम की महिला पुलिस हेड कॉन्स्टेबल दुर्गा चारेल का चयन हुआ है.

दुर्गा चारेल रतलाम जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के सबसे पिछड़े गांव केलकच्छ की रहने वाली हैं. बचपन से दुर्गा चारेल को भाला फेंक, डिस्क और गोला फेंक के खेल का शौक था. सुविधाओं के अभाव में भी स्कूल में पढ़ने के दौरान दुर्गा चारेल ने गोला, डिस्क व भाला फेंक में कई कंपीटिशन जीते. दुर्गा चारेल की पुलिस विभाग में नौकरी लग गई और उनकी शादी रतलाम के ही शंकरलाल डिंडोर से हो गई. पति शंकरलाल डिंडोर ने भी दुर्गा चारेल के खेल के शौक को और आगे ले जाने में मदद की. वे खुद दुर्गा के साथ मैदान में प्रैक्टिस में मदद करते थे. पति शंकरलाल ने दुर्गा चारेल को अन्तरराष्ट्रीय खेल स्पर्धा में ले जाने का सपना देखते हुए लक्ष्य बनाया था.

लगातार 5 इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में दुर्गा ने गोल्ड, सिल्वर व कांस्य मेडल भी जीते. 2018 में नेशनल गेम्स प्रतियोगिता में चयन होने पर दुर्गा को पति ने बेंग्लुरु भेजा. लेकिन, उसी दिन 22 फरवरी 2018 को प्रतियोगिता में शामिल होने के कुछ समय पहले दुर्गा के पास पति को खो देने की दुखद खबर आई. दुर्गा के पति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. प्रतियोगिता छौड़कर दुर्गा वापस लौट आईं. इस घटना के बाद दुर्गा के खेल के शौक पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी. लेकिन, दुर्गा ने अपने स्वर्गवासी पति की इच्छा पूरी करने के लिए एक बार फिर मैदान की और रुख किया और इंटरनेशनल प्रतियोगिता में शामिल होने का लक्ष्य बनाकर अपनी खेल प्रैक्टिस शुरू की.

रतलाम की हेड कॉन्स्टेबल दुर्गा चारेल ने नेशनल गेम्स प्रतियोगिता में खेलते हुए गोवा में 2 गोल्ड मेडल, विदिशा में 2 गोल्ड, 1 सिल्वर, इलाहाबाद में एक सिल्वर, बेंगलुरु में कांस्य मेडल जीते हैं. अब दुर्गा चारेल का चयन अन्तरराष्ट्रीय खेल स्पर्धा में पहली बार हुआ है. मास्टर एथलेटिक फेडरेशन द्वारा मलेशिया के कुचिंग शहर में 2 दिसंबर से 7 दिसंबर तक होने जा रही अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुर्गा चारेल भारत की और से शॉटपुट, जेवलिन और डिस्कस थ्रो में हिस्सा लेंगी और भारत का नाम रोशन करेंगी.

दुर्गा चारेल को अपने पति की इच्छा पूरी करते हुए बेहद खुशी है. अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन की जानकारी देते हुए दुर्गा चारेल की आंखे भर आईं. दुर्गा कहती हैं कि अगर आज उनके पति जीवित होते तो, इस प्रतियोगिता में शामिल होने उनके साथ होते. अन्तरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में शामिल होने जाने से पहले रतलाम में जनप्रतिनिधियों, खेल संस्था पदाधिकारियों व समाज सेवियों ने हेड कांस्टेबल दुर्गा चारेल का स्वागत सम्मान किया. रतलाम की हेड कांस्टेबल दुर्गा चारेल ने अपने संघर्ष से लक्ष्य को पूरा कर महिलाओं के लिए मिसाल कायम की है.