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MP: बुखार से तड़प रही थी 2 साल की बच्ची, अंधविश्वासी मां ने गर्म सलाखों से जलाया

अंधविश्वास की एक ऐसी ही दर्दनाक तस्वीर जिले के गांव हरथल से सामने आई है, जहां 2 साल की बीमार मासूम बच्ची को गर्म सलाखों से जलाने का मामला सामने आया है.

MP: बुखार से तड़प रही थी 2 साल की बच्ची, अंधविश्वासी मां ने गर्म सलाखों से जलाया
ग्रामीणों में अंधविश्वास है कि बच्चे के बीमार होने पर अगर बच्चे को जलाया जाए तो इससे वह ठीक हो जाएगा.

रतलामः रतलाम जिले में अंधविश्वास का दंश आज भी इतना गहरा है कि जिले के ग्रामीण इलाकों से आए दिन अंधविश्वास की दिलदहला देने वाली तस्वीर सामने आती हैं. जिले के ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास के चलते कभी मोबाइल चोरी का पता करने के लिए बच्चों के हाथों को खौलते गर्म तेल में डाल दिया जाता है, तो कभी झाड़फूंक से इलाज की तस्वीरें सामने आती हैं. बच्चों को इलाज के नाम पर अंधविश्वासी इतने अंधे हो जाते हैं, कि मासूमों को गर्म सलाखों से कई जगह जालाया जाता है. इन अंधविश्वासियों पर मासूमों की चीख का भी कोई असर नहीं होता. 

ऐसे में अंधविश्वास की एक ऐसी ही दर्दनाक तस्वीर जिले के गांव हरथल से सामने आई है, जहां 2 साल की बीमार मासूम बच्ची को गर्म सलाखों से जलाने का मामला सामने आया है. मासूम को बाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. दरअसल, 2 साल की यह मासूम बच्ची पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थी. उसे बुखार और झटके आ रहे थे. बच्ची के पिता मुकेश ने बताया कि बच्ची को  उसकी मां ने लोहे की तार गर्म की और बच्ची के दोनों हाथों की कलाई और दोनों पैरों की एडी के ऊपर दाग दिए. बच्ची के सीने पर भी युवती ने यह गर्म सलाखें रख दीं.

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इससे बच्ची के हाथ और पैर में घाव हो गए और वह जख्मी हो गई. उसे बीती रात रतलाम के बाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है. डॉ तेजसिंह देवड़ा ने बताया कि गांवों में अंधविश्वास के चलते बच्चों को गर्म वस्तुओं से जला दिया जाता है. ग्रामीणों में अन्धविश्विश्वास है कि ऐसा करने से बीमारी दूर हो जाएगी, लेकिन ऐसा होता नहीं है. बल्कि कई बार इससे बच्चे की हालत ज्यादा गंभीर हो जाती है.

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बता दें पीड़ित बच्ची निरमा को बुखार था और तेज बुखार में झटके आते हैं. ग्रामीणों में अंधविश्वास है कि ऐसा होने पर अगर बच्चे को जलाया जाए तो इससे झटके बंद हो जाएंगे. बच्ची को झटके न आएं, इसके लिए उसकी मां ने डांम लगा दिया. बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर है और उसका इलाज किया जा रहा है. यह पहला मामला नहीं है जब रतलाम के ग्रामीण इलाकों से इस तरह की अंधविश्वास की दिल दहला देने की तस्वीर सामने आई हो. इससे पहले भी रतलाम से ऐसी कई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं.