MP: किसान आंदोलन से पहले बढ़ी आम आदमी की समस्या, कई गुना बढ़े सब्जियों और फलों के दाम

मध्यप्रदेश में अभी किसान आंदोलन शुरू भी नहीं हुआ है कि आमजनों की दिक्कतें बढ़ना शुरू हो गई हैं.

MP: किसान आंदोलन से पहले बढ़ी आम आदमी की समस्या, कई गुना बढ़े सब्जियों और फलों के दाम
देवास में बढ़े सब्जियों और फलों के दाम (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः मध्यप्रदेश में अभी किसान आंदोलन शुरू भी नहीं हुआ है कि आमजनों की दिक्कतें बढ़ना शुरू हो गई हैं. प्रदेश में आंदोलन से एक दिन पहले ही देवास में सब्जी, फल और दूध के दामों ने आसमान छूना शुरू कर दिया है. आंदोलन को ध्यान में रखते हुए लोगों ने 10 दिनों तक की सब्जी-भाजी का स्टॉक रखना शुरू कर दिया है. बता दें कि मध्यप्रदेश में किसान 1 से 10 जून तक अपने गांवो को बंद रखेंगे और न ही व्यापारी और न किसी अन्य व्यक्ति को सब्जी-फल बेचेंगे. इस दौरान किसान आपस में ही सामग्री का लेन-देन कर अपना और परिवार का भरण-पोषण करेंगे. किसान संगठनों से जुड़े लोगों ने भी आंदोलन के दौरान किसानों से शहरों को सब्जी, फल और दूध की आपूर्ति रोकने की अपील की है. जिसके चलते आने वाले 10 जून तक आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

50-60 रुपये किलो बिके टमाटर
बता दें कि आंदोलन से पहले ही टमाटर से लेकर प्याज तक के दामों में भारी उछाल आया है. गुरुवार को लोगों ने करीब 60 रुपये किलो तक टमाटर खरीदे. वहीं भिन्डी 40-50 रुपये किलो, मेथी 60-80 रुपये किलो, मिर्च 80 रुपये किलो, आलू 20-30 रुपये किलो और प्याज 15-20 रुपये किलो बेचे गए. बता दें कि यह सब्जियों का वह रेट है जो रिटेल के व्यापारी आम लोगों से वसूल रहे थे. हालांकि मंडी में थोक भाव भी हमेशा की तुलना में करीब 2 गुना ज्यादा रहा. जिसके फायदा किसानों और रिटेलर्स को मिला, लेकिन आम आदमी की जेब खाली हो गई. बता दें कि पिछले साल हुए किसान आंदोलन में मारे गए किसानों को श्रृद्धांजली देने के लिए किसान इस बार फिर किसान आंदोलन कर रहे हैं.

किसान आंदोलन पर सियासत तेज
आम आदमी को लगभग दोगुने से भी अधिक दाम पर सब्जी और फल खरीदने पड़े. होने वाले किसान आंदोलन का असर केवल देवास में ही नहीं पूरे प्रदेश में देखने को मिला. जहां एक ओर सीधी में किसान आंदोलन को लेकर जिले की पुलिस पूरी तरह से हाई अलर्ट हो गई तो वहीं मंदसौर में भी पुलिस बल मुस्तैद है. यही नहीं आंदोलन को लेकर सियासत भी काफी तेज हो गई है. बता दें कि किसान आंदोलन को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने काफी पहले से शिवराज सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया था. कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए सीएम शिवराज को बॉन्ड साइन कर भोले-भाले किसानों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने का भी आरोप लगाया है.