MP: परेशान युवक ने थाने के सामने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश, पीड़ित को छोड़ भागी पुलिस

.मामला हरदा जिले के खिरकिया तहसील के छीपाबड़ थाने का है, जहां पर 16 मई को मोनू नाम के गल्ला व्यापारी 204 किसानों का गल्ला जिसकी कीमत करीब डेढ़ सौ करोड़ है लेकर फरार हो गया. मोनू पीड़ित जितेंद्र पांडे के घर अपनी कार छोड़कर 16 मई से फरार हो गया था.

MP: परेशान युवक ने थाने के सामने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश, पीड़ित को छोड़ भागी पुलिस
(फाइल फोटो)

पीतांबर जोशी/होशंगाबादः मध्य प्रदेश के हरदा जिले में पुलिस तब सवालों के घेरे में आ खड़ी हो गई, जब एक युवक ने पुलिस की प्रताड़ना से परेशान होकर बीच चौराहे पर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. युवक का नाम जितेंद्र पांडेय बताया जा रहा है. बताया जा रहा है की हरदा जिले के छीपाबड़ थाने के टीआई बयान लेने के नाम पर पिछले 6 महीने से परिवार को प्रताड़ित कर रहे थे. जिससे परेशान होकर पीड़ित ने थाने के सामने पहुंचकर बीच चौराहे जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की.

दरअसल, मामला हरदा जिले के खिरकिया तहसील के छीपाबड़ थाने का है, जहां पर 16 मई को मोनू नाम के गल्ला व्यापारी 204 किसानों का गल्ला जिसकी कीमत करीब डेढ़ सौ करोड़ है लेकर फरार हो गया. मोनू पीड़ित जितेंद्र पांडे के घर अपनी कार छोड़कर 16 मई से फरार हो गया था और हरदा पुलिस, छीपाबड़ पुलिस गल्ला व्यापारी मोनू की तलाश कर रही थी. 

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इस दौरान पुलिस मोनू के साढू भाई जितेंद्र पांडे को और उसके परिवार को बिना वजह तफ्तीश के नाम पर परेशान कर रही थी. पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत तत्कालीन आईजी मकरंद देउस्कर से भी की थी, मामला सामने आने पर आईडी की ओर से पीड़ित परिवार को परेशान नहीं करने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन 5 माह बाद शनिवार रात छीपाबड़ पुलिस होशंगाबाद पहुंची और पीड़ित के परिवार को जबरदस्ती फिर बयान लेने के नाम पर उठाकर ले जाने लगी. 

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इसी बात से घबराए पीड़ित जीतेंद्र ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. जितेंद्र के जहर खाने पर उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं मामला बिगड़ते देख पुलिस पीड़ित को छोड़कर भाग गई. दरअसल, पीड़ित परिवार को पूछताछ के नाम पर 15 दिनों तक थाने में बैठाया रखा जाता है. ना ही उन्हें लॉकअप में बंद किया जाता है और ना ही घर आने दिया जाता है, जिससे जितेंद्र काफी परेशान चल रहा था.