क्या ग्वालियर-चंबल में बीजेपी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं है, सिंधिया-तोमर के बीच वर्चस्व की लड़ाई?
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क्या ग्वालियर-चंबल में बीजेपी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं है, सिंधिया-तोमर के बीच वर्चस्व की लड़ाई?

कांग्रेस ने आरोप लगाए हैं कि ग्वालियर-चंबल संभाग में बीजेपी के बीच सबकुछ ठीक नहीं है.

क्या ग्वालियर-चंबल में बीजेपी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं है, सिंधिया-तोमर के बीच वर्चस्व की लड़ाई?

शैलेंद्र सिंह भदौरिया/ग्वालियरः केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जब से बीजेपी की दामन थामा है, तभी से मध्य प्रदेश की राजनीति तेजी से बदल गई है. खास तौर पर सिंधिया के गढ़ ग्वालियर-चंबल में काफी बदलाव देखने को मिला है. क्योंकि सिंधिया के बीजेपी में जाने के बाद ग्वालियर चंबल संभाग में विपक्ष बीजेपी में गुटबाजी होने के आरोप लगा रहा है. विपक्ष के आरोपों को बल तब मिल जाता है जब सिंधिया गुट के मंत्री अधिकारियों के साथ अलग बैठक करते हैं और उसके बाद नरेंद्र सिंह तोमर गुट के मंत्री उन्हीं अधिकारियों के साथ दोबारा बैठक करते हैं. जिससे सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है. 

अधिकारी भी पशोपेश में 
दरअसल, ग्वालियर में पहले सिंधिया गुट के मंत्रियों ने अधिकारियों के साथ बैठक की, लेकिन कुछ ही दिनों बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के गुट के मंत्री ने भी उन्हीं अधिकारियों के साथ दोबारा बैठक की ऐसे में अधिकारी भी पशोपेश में है कि आखिर किसकी माने और किसकी नहीं?. जबकि इन्ही बैठकों की वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग में बीजेपी के अंदर गुटबाजी की खबरे सामने आ रही है. विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी की गुटबाजी से कहीं ना कहीं विकास अवरुद्ध हो रहा है जिससे जनता को सीधे तौर पर खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. 

दरअसल, ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री के तौर पर सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट की ताजपोशी जब से हुई है, तब से वेअक्सर यहां आकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश देते हैं, इसी कड़ी में रविवार को वह ग्वालियर पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की इस बैठक में खुद नरेंद्र सिंह तोमर समर्थक मंत्री भारत सिंह कुशवाहा भी मौजूद थे, लेकिन उसके एक दिन बाद ही सोमवार को भारत सिंह कुशवाहा ने अधिकारियों के साथ एक बार फिर समीक्षा बैठक करने का निर्णय लिया. लेकिन जब यह खबर सत्ता के गलियारों में आई तो गुटबाजी के आरोप लगने लगे यही कारण है इस बैठक को आनन-फानन में रद्द किया गया. लेकिन उसके बाद भारत सिंह ने कई विभागों के अधिकारियों को अपने बंगले पर बुलाया और उनके साथ विकास कार्यों को लेकर चर्चा की. 

कांग्रेस ने साधा निशाना 
बीजेपी के मंत्रियों द्वारा अधिकारियों की अलग-अलग बैठक लेने पर कांग्रेस ने निशाना साधा, कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि सिंधिया और तोमर गुटों के लोगों में सामंजस्य से नहीं बैठ पा रहा है, ऐसे में शहर विकास के मामले में पिछड़ता जा रहा है, उन्होंने कहा कि विकास को लेकर विपक्ष हमेशा सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है. लेकिन बीजेपी को लोगों को आपस में सामंजस्य बनाना होगा. 

बीजेपी का पलटवार 
वहीं कांग्रेस के आरोपों पर मंत्री भारत सिंह कुशवाहा ने भी पलटवार किया, उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में विकास किया नहीं यही कारण है कि उन्हें विपक्ष में बैठना पड़ रहा है, बीजेपी का हर जनप्रतिनिधि विधायक, सांसद हो या मंत्री हो ग्वालियर के विकास के लिए चिंतित रहता है यही कारण है कि समय-समय पर इस तरह की समीक्षा बैठक आयोजित की जाती हैं. हालांकि गुटबाजी को लेकर कुछ भी कहने से बचते नजर आए. 

ग्वालियर-चंबल बना हुआ है सत्ता का केंद्र 
दरअसल, मध्य प्रदेश में इस वक्त ग्वालियर-चंबल सत्ता का केंद्र बना हुआ है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के चलते ही प्रदेश में दोबारा से बीजेपी की सरकार बन पाई, शिवराज कैबिनेट में शामिल सिंधिया समर्थक अधिकतर मंत्री ग्वालियर-चंबल संभाग से ही आते हैं. वहीं सिंधिया खुद भी केंद्र में मंत्री और बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी शामिल हो चुके हैं, यानि सत्ता के साथ-साथ सिंधिया का संगठन में भी दबदबा बढ़ा है. जबकि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी ग्वालियर में बीजेपी की बड़े नेता हैं. राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चाएं हैं कि सिंधिया और तोमर गुट के नेताओं में आपसी सामंजस्य नहीं है. हालांकि इस मुद्दे पर किसी गुट का कोई नेता कुछ भी बोलने से बचता नजर आता है.

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