ये कैसी परंपरा! जन्म होने पर रखते हैं मान्यता, विजयादशमी पर बच्चों के साथ अंगारों पर दौड़ते हैं ग्रामीण
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ये कैसी परंपरा! जन्म होने पर रखते हैं मान्यता, विजयादशमी पर बच्चों के साथ अंगारों पर दौड़ते हैं ग्रामीण

आगर मालवा जिले के कानड़ नगर के पास अरनिया गांव में देवनारायण मंदिर स्थापित है. जहां पिछले कई सालों से एक परंपरा चली आ रही है.

ये कैसी परंपरा! जन्म होने पर रखते हैं मान्यता, विजयादशमी पर बच्चों के साथ अंगारों पर दौड़ते हैं ग्रामीण

कनिराम यादव/आगर मालवाः मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में आस्था के चलते पुराने समय से चली आ रही परंपरा आज भी लोगों द्वारा निभाई जा रही है. यहां के एक गांव में बच्चों के जन्म होने पर मान्यता रखी जाती है. फिर जैसे ही विजयादशमी आती है, गांव की जनता उन बच्चों को अपनी गोद में रख कर खोलते हुए अंगारों पर चलती है. 

बच्चों के लिए रखते हैं मान्यता!
आगर मालवा जिले के कानड़ नगर के पास अरनिया गांव में देवनारायण मंदिर स्थापित है. जहां पिछले कई सालों से एक परंपरा चली आ रही है. जिसके तहत गांव में बच्चों के जन्म या उनकी बीमारी को लेकर मान्यताएं रखी जाती है. जब मान्यता पूरी हो जाती है तब दशहरे पर एक लंबी खाई खोदकर उसमें आग लगाई जाती है. 

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अंगारों पर चलते हैं ग्रामीण
आग के अंगारों में बनने तक इंतजार किया जाता है. जैसे ही वहां अंगारे बन जाते हैं. तब गांव के लोग बच्चों को अपने हाथों में लेकर भगवान राम का नाम लेते हैं और अंगारों पर दौड़ लगाते हैं. देव नारायण मंदिर में भी आस्था के चलते बच्चे और बड़े अंगारों पर दौड़ लगाते हुए निकलते हैं. 

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