Building New Madhya Pradesh: कमलनाथ का आरोप- 'शिव'राज में किसान, मजदूर और व्यापारी परेशान, बताया 2023 का प्लान
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Building New Madhya Pradesh: कमलनाथ का आरोप- 'शिव'राज में किसान, मजदूर और व्यापारी परेशान, बताया 2023 का प्लान

Building New India: कमलनाथ ने कहा कि हमारे पास 15 महीने थे लेकिन हमने इस दौरान 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया. किसानों को सही दाम मिले, बीज मिले. मेरी कोशिश की थी कि मध्य प्रदेश को पहचान मिले. 

Building New Madhya Pradesh: कमलनाथ का आरोप- 'शिव'राज में किसान, मजदूर और व्यापारी परेशान, बताया 2023 का प्लान

Building New Madhya Pradesh: 21वीं सदी में भारत के विकास में न्यू इंडिया की बात हो रही है. ऐसे में कैसे बनेगा न्यू इंडिया, न्यू मध्यप्रदेश? विकास के पथ पर कितना आगे बढ़ा है प्रदेश? साथ ही अभी तक के सफर में क्या कमी रह गई हैं और क्या चुनौतियां हैं? ऐसे ही विभिन्न मुद्दों पर ZEE मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के संपादक दिलीप तिवारी ने एमपी के पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने खास बातचीत की. आइए जानते हैं

हम बात कर रहे हैं कि कैसे न्यू इंडिया बनेगा, कैसे न्यू मध्य प्रदेश बनेगा? तो कमलनाथ की नजर में क्या कमी है और कैसे प्रदेश नंबर वन की दौड़ में आगे आ जाए. 

कमलनाथः आज सबसे बड़ी चुनौती हमारे नौजवानों, रोजगार की है. साथ ही कृषि क्षेत्र की है. युवा ही भविष्य के मध्य प्रदेश का निर्माण कर सकते हैं. आज नौजवान रोजगार ढूंढ रहा है लेकिन रोजगार नहीं मिलने वह निराश है, उसका भविष्य अंधेरे में है. युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रदेश में निवेश आना चाहिए. मंदिर मस्जिद जाने से रोजगार नहीं मिलने वाला. रोजगार के लिए आर्थिक गतिविधियां जरूरी हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में किसी का विश्वास नहीं है, जिसकी वजह से निवेश नहीं आ पा रहा है. हमें मध्य प्रदेश की पहचान बनाने की जरूरत है, जिससे प्रदेश में निवेश आए. 

आपने कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले हैं. तो क्या ऐसा नहीं हो सकता है कि सभी दल एक साथ बैठकर ऐसी योजना बनाए कि कैसे मध्य प्रदेश को अव्वल प्रदेश बनाना है तो क्या इससे कोई समस्या हल होगी?

कमलनाथः मुख्यमंत्री बुलाएं ऐसी बैठक. हम तो राजी हैं लेकिन हमें बुलाया ही नहीं गया. हमसे सुझाव मांगे ही नहीं गए कि मध्य प्रदेश को हम कैसे आर्थिक गतिविधि का केंद्र कैसे बनाएं? मध्य प्रदेश की पहचान किसानों की आत्महत्या से ना हो, महिलाओं पर अत्याचार से ना हो, भ्रष्टाचार से ना हो. ये आज चुनौती है. मध्य प्रदेश का 70 फीसदी अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है. ऐसे में अगर किसान आर्थिक रूप से मजबूत है तो उसका पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा. आज किसान खाद, बीज, समर्थन मूल्य के लिए भाग रहा है, ये बड़ी समस्याएं हैं.

प्रदेश में आपकी भी सरकार रही, लेकिन उसे गिरा दिया गया. आपके एक सहयोगी आज केंद्र में मंत्री हैं. आपसे ये उम्मीद थी कि अब कमलनाथ की सरकार बनी है तो प्रदेश में कांग्रेस मजबूत होगी. हालांकि आपको वक्त कम मिला. ऐसे में आपने सत्ता में रहते हुए ऐसे कौन से कदम उठाए, जिन्हें आपको लगता है कि रोक दिया गया?

कमलनाथः बहुत सारी ऐसी चीजें थी. जैसे कृषि क्षेत्र. हमारे पास 15 महीने थे लेकिन हमने इस दौरान 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया. किसानों को सही दाम मिले, बीज मिले. मेरी कोशिश की थी कि मध्य प्रदेश को पहचान मिले. मध्य प्रदेश की पहचान माफिया, मिलावटखोरी के लिए नहीं होनी चाहिए. शिवराज जी जो समिट बुलाते हैं, वैसे नहीं बुलाए. मैंने बस सभा बुलाई और उसमें कई बड़े-बड़े उद्योगपति आए और उनसे कहा कि वह मध्य प्रदेश में निवेश करें. मैंने लोगों से कमियों के बारे में पूछा कि निवेश क्यों नहीं आ रहा. ये शुरुआत थी. एक नजरिया विजन था, जिससे प्रदेश नंबर वन हो. 

शिवराज सिंह कहते हैं कि जनता ने उपचुनाव में भी कांग्रेस को जवाब दे दिया है. कहा जाता है कि आप घर नहीं संभाल पाए, मध्य प्रदेश क्या संभालेंगे?

कमलनाथः सौदे की सरकार बनाई, सौदे से विधायक गए. ये पूरा प्रदेश जानता है. पिछले चुनावों में हम दो सीटें जीते लेकिन सरकार ने जिस तरह से इन चुनाव में पैसे, प्रशासन और ताकत का इस्तेमाल किया, यह पूरा प्रदेश जानता है. आज प्रदेश का हर वर्ग परेशान है, किसान परेशान है, व्यापारी परेशान हैं.  

हाल ही में नीति आयोग की रिपोर्ट में प्रदेश को चौथा सबसे गरीब राज्य बताया गया है. शिवराज 15 साल से सीएम हैं आप भी 15 महीने सीएम रहे हैं. ऐसे में ये जो दाग लग जाता है क्या ये दाग अच्छे हैं?

कमलनाथः ये मल्टी डाइमेंशनल सर्वे निकला है. मध्य प्रदेश की बुरी हालत है. मध्य प्रदेश सबसे गरीब प्रदेशों की कैटेगरी में है. इन्हें 18 साल हो गए लेकिन प्रदेश गरीबी में चौथे नंबर पर है! शिक्षा, स्वास्थ्य सभी क्षेत्र में एमपी पीछे है.

समस्या का समाधान क्या है. पब्लिक तो सब जानती है. अब जनता करे तो क्या करे. आपको जिताया, आपके सहयोगी छोड़कर चले गए. आपको उन्हें रोक नहीं पाए

कमलनाथः ये सौदे की सरकार मैं भी बना सकता था लेकिन मध्य प्रदेश की पहचान सौदे की राजनीति से नहीं बनाना चाहता था. मुझे सब पता था, जो गए वो ही मुझे आकर बताते थे कि हमें इतना पैसा मिल रहा है. इसका उपाय ये है कि एक सोच होनी चाहिए. आज शिवराज जी अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं. प्रदेश कोई प्राथमिकता नहीं है. सर्वे के आंकड़े देश के सामने आने चाहिए. 

आपने किसानों की बात की. हाल ही में प्रधानमंत्री ने तीन कृषि कानून वापस ले लिए हैं. ऐसे में अब बचा क्या है सिर्फ राजनीति या कुछ और?

कमलनाथः बहुत कुछ बाकी है. ये जो कानून लाए, उन्हें किसानों के हित में बताया लेकिन किसान कहते हैं कि ये उनके हित में नहीं है. किसानों से एक साल आंदोलन कराया. 600-700 लोग मारे गए और अब कहते हैं कि किसानों को समझा नहीं पाए? अब इसी से जुड़ा है समर्थन मूल्य का मुद्दा. इंदिरा गांधी ने समर्थन मूल्य देने की शुरूआत की थी और ये बड़ा क्रांतिकारी कदम था. उस समय हम अनाज का आयात करते थे, आज हम निर्यात करते हैं. उस वक्त एग्रीकल्चर प्राइस कमीशन बना था लेकिन आज एमपी में 22-23  फीसदी किसान को समर्थन मूल्य मिलता है क्योंकि हम ज्यादा फायदा नहीं उठा पाए क्योंकि वह गुजारे की खेती करते हैं लेकिन जैसे ही सिंचाई, अच्छी खाद-बीज मिलेगा तो उन्हें समर्थन मूल्य मिलेगा. लेकिन किसानों की समर्थन मूल्य की मांग पर सरकार चुप है. सरकार समर्थन मूल्य पर कानून लाए, इससे कृषि क्षेत्र में क्रांति आएगी. 

शिवराज आरोप लगाते हैं कि प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ... सीएम कमलनाथ... नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ और बाकी कांग्रेस अनाथ...

कमलनाथः ये शिवराज जी के पेट में दर्द क्यों होता है? वो अपना काम करें और प्रदेश के हितों की रक्षा करें. आप कमलनाथ की चिंता क्यों करते हैं, अपनी पार्टी चलाएं. आज युवाओं को नहीं दिखा रहा कि कितनी बेरोजगारी है. किसानों को नहीं दिख रहा. हर जिले में खाद के लिए विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

मिशन 2023 के लिए आपकी पार्टी कितनी तैयारी कर रही है. नगरीय निकाय चुनाव भी होने हैं. आपकी पार्टी में तोड़फोड़ हो रही है, कुछ नेता बीजेपी में चले गए हैं. ऐसे में आपकी क्या तैयारी है?

कमलनाथः हम अपना संगठन मजबूत कर रहे हैं. पंचायत चुनाव, निकाय चुनाव की तैयारी चल रही है. बीजेपी नए आरक्षण के खिलाफ एक ऑर्डिनेंस लाई है. ये चुनाव से भाग रहे हैं. हमारा चुनाव बीजेपी से नहीं, बीजेपी के संगठन से है, तभी हम सफल हो सकते हैं.

आपने सवाल उठाया था कि बीजेपी आरक्षण खत्म कर देगी. जबकि शिवराज कहते हैं कि कोई माई का लाल खत्म नहीं करेगा. आपको ऐसा क्यों लगता है कि बीजेपी आरक्षण पर ऐसा कोई कदम उठा सकती है?

कमलनाथः अभी 2011 के आरक्षण पर ऑर्डिनेंस लाए हैं. पंचायतों का परिसीमन रद्द कर दिया. हमारी मांग है कि जो परिसीमन हुआ था, आरक्षण हुआ था, चुनाव उस आधार पर हो. इसका नोटिफिकेशन हो गया था, जिसे रद्द करने के लिए इन्हें ऑर्डिनेंस लाना पड़ा. बीजेपी चुनाव से क्यों डर रही है. आज की परिस्थिति में चुनाव कराएं. 

 बीजेपी का आदिवासी सीटों पर बड़ा फोकस है. आपने भी आदिवासी सीटों पर विधायकों को फोकस करने को कहा है तो ये वोट की लड़ाई है या आदिवासियों को हितैषी बनने की लड़ाई है?

कमलनाथः आदिवासियों के लिए जो हुआ है, वो कांग्रेस ने किया है. इनको 18 साल बाद आदिवासी याद आया है. आदिवासी गौरव दिवस मनाया. इस पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए लेकिन क्या आज के आदिवासी पीढ़ी मूर्ख है. कांग्रेस ने ही आदिवासियों के हित में कानून बनाए. 37 आदिवासी सीटें हैं और 60 सीटें आदिवासी प्रभावित करते हैं. वो जानते हैं कि इनके बिना उन्हें सफलता नहीं मिलनी. 

आपने गौशालाएं बनाने का ऐलान किया था. शिवराज सरकार गौ टैक्स लगाने की बात करती है. इस पर आप क्या कहेंगे?

कमलनाथः मेरे कार्यकाल में जितनी गौशालाएं बनाई गईं, उतने मध्य प्रदेश के इतिहास में नहीं बनी. अब ये गौ टैक्स लगाएंगे और गाय और धर्म के नाम पर वोट मांगेंगे. ये इनकी सोच में जो अंतर है, वो जनता सब समझ रही है. 

मेट्रो का श्रेय लेने की होड़ मची है. आपने कहा आपने शुरू कराई और सरकार कह रही है कि हम काम करा रहे हैं. 2023 में हमें श्रेय मिलेगा. 

कमलनाथः जब मैं अर्बन डेवलेपमेंट मिनिस्टर था, तब मेट्रो बनाने की शुरुआत हुई थी. ये श्रेय लेना चाहते हैं तो ले लें. ये विज्ञापन की राजनीति, श्रेय लेने की राजनीति इनकी राजनीति है, हमारी ये राजनीति नहीं है. 

भोपाल, इंदौर में कमिश्नर प्रणाली लागू करने की बात हो रही है तो क्या आपको लगता है कि इससे अपराध नियंत्रित हो जाएंगे?

कमलनाथः नाम बदलने से कोई क्राइम कंट्रोल नहीं होगा. आपने कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर से लेकर पुलिस कमिश्नर को पावर दे दी. हमने भी इस पर विचार किया था लेकिन हम कोई भी नाम दें, हमें पुलिस व्यवस्था में परिवर्तन करने की जरूरत है. मैंने कई शहरों के पुलिस सिस्टम को देखा लेकिन नकल करने से अपराध नियंत्रित नहीं होगा. हमें उनकी कमियों को दूर करके जोड़-तोड़ करके एक व्यवस्था बनानी होगी, तब अपराध पर नियंत्रण हो सकेगा. 

मंत्री मोहन यादव का बड़ा बयान, MP में जल्द होगी 1000 भर्तियां,जल्द आएगा नोटिफिकेशन

कांग्रेस में जी 23 नेताओं का ग्रुप है. कई राज्यों में जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां भी गतिरोध की खबरें आ रही हैं. हाल ही में मनीष तिवारी ने 26/11 के हमले को लेकर सवाल खड़े किए. तो चुनाव के समय आपकी ही पार्टी के नेता ऐसे बयान क्यों देते हैं, जिनसे विपक्षी पार्टी को फायदा होता है?

कमलनाथः मनीष तिवारी की राय उनकी व्यक्तिगत राय है. जब 26/11 हुआ तो मैं कैबिनेट मंत्री था. उसी दिन रात में आपात मीटिंग बुलाई गई और उसमें सरकार के अगले कदम पर चर्चा हुई. इस दौरान आर्मी, एयरफोर्स से भी बात की गई थी. इसलिए अब मनीष तिवारी अनजाने ऐसा कह रहे हैं तो ये उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है. जी 23 जैसी कोई बात नहीं है. सभी लोग सुझाव देते हैं. उनकी चुनाव की मांग है और चुनाव घोषित हो गया है. 

बीजेपी कई बार धर्म का, गाय का इस्तेमाल करती है. वहीं कांग्रेस के नेता भी चुनाव के वक्त जनेऊधारी हो जाते हैं. आपने भी हनुमान जी की मूर्ति अपने लोकसभा क्षेत्र में स्थापित कराई. आपको काउंटर क्लेम करने की जरूरत क्यों होती है?

कमलनाथः हम दिखावा नहीं करते हैं. हम धर्म को राजनीतिक मंच नहीं बनाते. हमने मंदिर बनवाया लेकिन हमने उसका प्रचार नहीं किया. कोई भी उस मंदिर में जा सकता है. धर्म के प्रचार की जरूरत क्या है हम सब पूजा करते हैं. 

Building New India MP: ''जो खेल कमलनाथ ने शुरू किया था, उसे हमने खत्म किया''

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी आजकल जगह-जगह जाकर मिल रही हैं और विरोधियों में उम्मीद जगा रही हैं. 

कमलनाथः हमें पूरी उम्मीद है कि 5 राज्यों के चुनाव में सफलता मिलेगी. हम तैयार हैं. ममता बनर्जी अपनी राजनीति कर रही हैं वो करें लेकिन अंत में तो जनता है. ममता बनर्जी को लगता है कि उन्हें कोई जगह मिल सकती है तो वह कोशिश कर रही हैं. 

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