बेमौसम बारिश से किसान परेशानः सोयाबीन, मटर, प्याज, लहसुन की फसलें हुई खराब, हुआ भारी नुकसान
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बेमौसम बारिश से किसान परेशानः सोयाबीन, मटर, प्याज, लहसुन की फसलें हुई खराब, हुआ भारी नुकसान

बारिश ने इस बार किसानों का बड़ा नुकसान किया है. ओलावृष्टि तो नहीं हुई लेकिन समय के साथ मौसम में भी बड़े अजीब बदलाव देखने को मिले है. 

बेमौसम बारिश से किसान परेशानः सोयाबीन, मटर, प्याज, लहसुन की फसलें हुई खराब, हुआ भारी नुकसान

चंद्रशेखर सोलंकी/रतलाम: बारिश ने इस बार किसानों का बड़ा नुकसान किया है. ओलावृष्टि तो नहीं हुई लेकिन समय के साथ मौसम में भी बड़े अजीब बदलाव देखने को मिले है. जिससे किसान भी हैरान है. मौसम तेज गर्मी के साथ खुल जाता है और फिर अचानक देर शाम तो कभी रात में अचानक ही जोरदार बारिश हो जाती है. ऐसे में खेत मे खड़ी फसल से लेकर खाली खेत मे बुवाई और नई फसल तैयार करने वाले सभी किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है.

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बता दें कि रतलाम में अलग-अलग इलाकों में किसानों ने मौसम की मार झेली है. रतलाम ग्रामीण व जिले के जावरा वाले इलाकों में लोगो की सोयाबीन खेत में थी तभी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. कुछ किसानों ने हल्की बारिश से गीली हुई, सोयाबीन को धूप में रखने के लिए खेत मे खुला छोड़ा तो 2 दिन बाद ही अचानक मौसम बदला और तेज बारिश से सारा सोयाबीन बर्बाद हो गया.

बचा सोयाबीन बिन रहे किसान 
बारिश की वजह से खेतों में अब किसान अपना बचा हुआ सोयाबीन बिन-बिन कर इकठ्ठा करते नजर आ रहे हैं. पूरी मेहनत बारिश ने बर्बाद कर तो दी है. लेकिन अब किसान खेतों से बीनकर कुछ सोयाबीन इकठ्ठा कर नुकसान का कुल खर्च कम करने की जुगाड़ में है.

किसानों ने बताया कि 1 बीघा में 2 से ढाई क्विंटल सोयाबीन होता है. लेकिन इस बार हालात यह हुए है कि 1 बीघा में 1 क्विंटल सोयाबीन भी मुश्किल से मिल पाया है. ऐसे में मुनाफे की आस तो दूर अब किसान केवल अपने नुकसान को कम से कम करने की कवायद में जुटे है. रही सही कसर सोयाबिन के दाम ने पूरी कर दी है.जब सोयबिन की बुआई हुई तब सोयाबीन के दाम 8 हजार 500 रुपये थे. लेकिन अब जब सोयबीन खराब हो गयी तो मात्र 5000 का भाव है.

वहीं जिले धार से लगे रतलाम सीमा के गांव रत्तागड़खेड़ा, दाँतोड़िया , के आसपास के अन्य गांव में किसानों ने मटर की बुआई कर दी थी, लेकिन बारिश अचानक ऐसी हुई की खेतों में पानी भर गया और बुआई खराब हो गयी. कई किसान अब सोयाबीन में नुकसान के बाद जल्दी मटर की फसल तैयार करना चाहते लेकिन रुक रुक कर बदलते मौसम की बारिश से बुआई नहीं कर पा रहे है. क्योंकि खेत सूखने से पहले फिर गीले हो जाते है.

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ऐसे ही अलग अलग इलाकों में कुछ ने मटर की बुआई कर दी थी लेकिन बारिश से वह भी खराब हो गयी. कुछ किसानों का प्याज खेतों में खराब हुआ है. वही कुछ किसानों को लहसुन में भी नुकसान हुआ है.
जिले में बारिश से किसानों की माने तो काफी नुकसान हुआ है. लेकिन फिलहाल अधिकारी जिले में इस बेरुखे मौसम की बारिश से किसी भी तरह के नुकसान से इनकार कर रहे हैं. जिला कृषि अधिकारी विजय चौरसिया ने बताया कि फिलहाल जिले में कोई नुकसान कृषि खेती में नहीं हुआ है.

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