MP Panchayat Election: जानिए ग्राम प्रधान की पावर, अधिकार क्या होते हैं?
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MP Panchayat Election: जानिए ग्राम प्रधान की पावर, अधिकार क्या होते हैं?

MP Panchayat Election: केंद्र या राज्य सरकार द्वारा लाई जाने वाली सरकार योजनाओं का पात्र लोगों को लाभ दिलवाना भी ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी है. 

MP Panchayat Election: जानिए ग्राम प्रधान की पावर, अधिकार क्या होते हैं?

MP Panchayat Election: मध्य प्रदेश में जल्द ही पंचायत चुनाव होने हैं. निर्वाचन आयोग चुनाव की तैयारियों में जुटा है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है. बता दें कि सरकार ग्रामीण इलाकों का विकास ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के माध्यम से करती है. ऐसे में प्रशासनिक ईकाई के तौर पर ग्राम प्रधान का पद बेहद अहम होता है. सरकार ग्राम पंचायतों को विकास के लिए लाखों रुपए का बजट देती हैं. तो आइए जानते हैं कि लाखों रुपए का बजट मिलने के साथ ही ग्राम प्रधान को क्या क्या पावर और अधिकार भी मिलते हैं?

ये होते हैं प्रधान के अधिकार और पावर
ग्राम सभा, ग्राम पंचायत की बैठक बुलाने और उसकी अध्यक्षता का अधिकार ग्राम प्रधान के पास होता है. साथ ही अगर ग्राम पंचायत के एक तिहाई सदस्य हस्ताक्षर करके लिखित रूप से बैठक बुलाने की मांग करते हैं तो ग्राम प्रधान को 15 दिन के भीतर बैठक बुलानी होती है.

ग्राम पंचायत के कागजी दस्तावेजों को मेंटेन करने की जिम्मेदारी भी ग्राम प्रधान की होती है. 

ग्राम पंचायत के वित्तीय और कार्यकारिणी प्रबंधन के अधिकार भी प्रधान के पास होते हैं. ऐसे में गांव में जो भी विकास कार्य होते हैं, उनके लिए फंड मुहैया कराना और काम की देखरेख करना प्रधान का कर्तव्य है.

ग्राम पंचायत स्टाफ के कामकाज का सुपरविजन करना भी प्रधान का काम है.  

केंद्र या राज्य सरकार द्वारा लाई जाने वाली सरकार योजनाओं का पात्र लोगों को लाभ दिलवाना भी ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी है. 

ग्राम पंचायत स्तर पर बच्चों, किशोरियों व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर होती है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम की देखरेख करने की जिम्मेदारी भी ग्राम प्रधान की होती है. 

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