चयनित शिक्षक फिर सड़कों पर उतरे, दी धमकी- नियुक्ति नहीं मिली तो जान दे देंगे!
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चयनित शिक्षक फिर सड़कों पर उतरे, दी धमकी- नियुक्ति नहीं मिली तो जान दे देंगे!

स्कूली शिक्षा विभाग के अंतर्गत उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 17,000, माध्यमिक शिक्षकों के 5,670 पदों पर भर्ती होनी है. वहीं आदिम जाति कल्याण विभाग के तहत उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 2,220 एवं माध्यमिक शिक्षकों के 5,704 पदों पर भर्ती होनी है.

चयनित शिक्षक फिर सड़कों पर उतरे, दी धमकी- नियुक्ति नहीं मिली तो जान दे देंगे!

सुधीर दीक्षित/भोपालः बीते करीब तीन सालों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे चयनित शिक्षक एक बार फिर से अपनी मांगों को लेकर मैदान में उतर आए हैं. चयनित शिक्षकों की मांग है कि जिस तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया को अपनाया गया है, उसमें काफी गड़बड़ियां की गई हैं और उन्हें सुधारा जाए. सभी चयनित शिक्षकों को नियुक्ति दी जाएं. कुछ शिक्षकों ने यहां तक कहा है कि अगर उन्हें नियुक्ति नहीं मिली तो जान देने तक की नौबत आ जाएगी. 

निरस्त हुई कई नियुक्तियां
बता दें कि बीते साल अक्टूबर को चयनित शिक्षकों की नियुक्ति की पहली लिस्ट जारी की गई थी लेकिन हाल ही में खबर आई कि लोक शिक्षण संचालनालय ने 4 टीचर्स की नियुक्ति को निरस्त कर दिया है. दरअसल इन टीचर्स ने एक ही समय में दो डिग्रियां हासिल की थी. जिसके चलते लोक शिक्षण संचालनालय ने यह कार्रवाई की. जिन टीचर्स के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उनका कहना है कि पात्रता की शर्तों में ऐसी कोई शर्त नहीं थी. 

कुल 30 हजार पदों पर होनी है नियुक्ति
गौरतलब है कि एक ही सत्र में दो डिग्रियां प्राप्त करना यूजीसी के नियमों के अनुसार मान्य नहीं है लेकिन 2012 में जब मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने टीचर्स की नियुक्ति की थी, तब एक ही टर्म में दो डिग्रियां लेने वाले शिक्षकों की भर्तियां भी की गईं थी. बता दें कि मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग ने 3 साल पहले 2018 में शिक्षक पात्रता परीक्षा ली थी. इसके तहत 30 हजार टीचर्स की भर्ती की जानी है. 

स्कूली शिक्षा विभाग के अंतर्गत उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 17,000, माध्यमिक शिक्षकों के 5,670 पदों पर भर्ती होनी है. वहीं आदिम जाति कल्याण विभाग के तहत उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 2,220 एवं माध्यमिक शिक्षकों के 5,704 पदों पर भर्ती होनी है.सभी शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन भी हो चुका है, सिर्फ नियुक्तियां बाकी हैं. वहीं नियुक्ति में देरी के चलते शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है. यही वजह है कि शिक्षकों में लगातार धरना और प्रदर्शन कर अपना विरोध जता रहे हैं. 

बीते साल अक्टूबर में सरकार ने चयनित शिक्षकों की नियुक्ति की पहली लिस्ट जारी की थी. जिसमें 12043 शिक्षकों को नियुक्तियां दी गईं थी. जिन शिक्षकों की नियुक्तियां दी गईं, उनमें उच्च माध्यमिक शिक्षकों की संख्या 8342 थी और माध्यमिक शिक्षकों की संख्या 3701 है. 8627 पदों पर अभी भी नियुक्ति बाकी है. 

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