आदिवासियों को साधने के लिए शिवराज सरकार का मास्टर स्ट्रोक, MP में लागू होगा PESA ACT

पेसा एक्ट के तहत स्थानीय संसाधनों पर स्थानीय अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों की समिति को अधिकार दिए जाएंगे. जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वाली ग्राम पंचायतों को सामुदायिक संसाधन जैसे जमीन, खनिज संपदा, लघु वनोपज की सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार मिल जाएगा.

आदिवासियों को साधने के लिए शिवराज सरकार का मास्टर स्ट्रोक, MP में लागू होगा PESA ACT

प्रमोद शर्मा/भोपालः प्रदेश के आदिवासी मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए सियासी पार्टियां लगातार कोशिशों में जुटी हुई हैं. अब शिवराज सरकार ने इस मुद्दे पर मास्टर स्ट्रोक चल दिया है. दरअसल सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि एमपी में 'पेसा एक्ट (PESA ACT)' लागू होगा. सीएम ने कहा है कि राज्य में पेसा एक्ट चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. 

क्या है पैसा एक्ट?
बता दें कि पेसा एक्ट के तहत स्थानीय संसाधनों पर स्थानीय अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों की समिति को अधिकार दिए जाएंगे. जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वाली ग्राम पंचायतों को सामुदायिक संसाधन जैसे जमीन, खनिज संपदा, लघु वनोपज की सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार मिल जाएगा. पेसा एक्ट लागू होने के बाद सामुदायिक वन प्रबंधन समितियां वर्किंग प्लान के अनुसार, हर साल माइक्रो प्लान बनाएंगे और उसे ग्राम सभा से अनुमोदित कराएंगे. गौरतलब है कि सामुदायिक वन प्रबंधन समिति का गठन भी ग्राम सभा द्वारा किया जाएगा. 

राज्य में तेंदूपत्ता बेचने का काम भी वन समिति करेगी. बता दें कि पेसा एक्ट 24 अप्रैल 1996 को बनाया गया था और कई राज्यों में यह लागू है.

पेसा कानून को लाने का उद्देश्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्व-शासन को मजबूती देना है. देश के 10 राज्यों में यह कानून लागू है लेकिन छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा में यह पूरी तरह से लागू नहीं है. अब मध्य प्रदेश सरकार ने इस कानून को राज्य में पूरी तरह से लागू करने का ऐलान कर आदिवासियों को बड़ी सौगात दी है. पेसा कानून के तहत ग्राम सभाओं को आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति रिवाज, सांस्कृतिक पहचान, समुदाय के संसाधन और विवाद समाधान के लिए परंपरागत तरीकों के इस्तेमाल के लिए सक्षम बनाया गया है. 

जनजातीय ग्राम सभाओं को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास के काम में अनिवार्य परामर्श की शक्ति दी गई है. साथ ही खदानों और खनिजों के लाइसेंस/पट्टा देने के लिए ग्राम सभा को सिफारिशें देने का अधिकार दिया गया है.

ये सौगातें भी दी
सीएम अमर शहीद शंकर शाह और रघुनाथ शाह की याद में म्यूजियम बनाने का भी ऐलान किया. यह म्यूजियम जबलपुर में बनाया जाएगा. साथ ही हर साल 15 नवंबर को मध्य प्रदेश में आदिवासी जनजातीय गौरव दिवस भी मनाया जाएगा. आदिवासियों में फैली सिकल सेल बीमारी के इलाज का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी. नीट और जेईई की तैयारी करने वाले होनहार छात्रों का खर्च भी राज्य सरकार ने उठाने का ऐलान किया.