MP State Different Names: आपको ये जानकर हैरानी होगी कि मध्य प्रदेश को सिर्फ भारता का दिल ही नहीं बल्कि कई अनगिनत नामों से भी जाना जाता है. मध्य प्रदेश अपने हिस्से में कुछ ऐसे अनोखे नाम भी दर्ज किए हुए जिसके बारे में लोगों को नहीं पता लेकिन यही नाम मध्य प्रदेश की पहचान को उभारते भी हैं. तो चलिए जानते हैं मध्य प्रदेश के अलग-अलग नाम जो ना सिर्फ इस राज्य की पहचान है बल्कि अपने समृद्ध इतिहास, संस्कृति और भौगोलिक महत्व को भी दर्शाती है.
)
मध्य प्रदेश को भारत का दिल भी कहते हैं. भारत के ठीक बीच में स्थित होने से एमपी केंद्रीय और महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है इसलिए इसे भारत का दिल कहते हैं. विंध्य और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं के बीच में होने से ये राज्य उत्तरी और दक्षिणी भारत को अलग करता है.
)
मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट भी कहा जाता है. क्योंकि इस राज्य में बाघों की संख्या बाकी राज्यों से सर्वोधिक है. वर्तमान में एमपी में 785 से भी अधिक बाघ पाए जाते हैं. एमपी में बाघों के संरक्षण के लिए भी हर पल प्रयास किया जाता है. एमपी में कुल मिलाकर 9 टाइगर रिजर्व भी है.
)
मध्य प्रदेश को सोया स्टेट/प्रोटीन कैपिटल के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यहां सोयाबीन का कुल उत्पादन बाकी के राज्यों से बहुत ज्यादा है. रिपोर्ट की माने तो मध्य प्रदेश अकेला देश के कुल सोयाबीन उत्पादन में 40% से अधिक का योगदान देता है. यहां की जलवायु और मिट्टी सोया उत्पादन के लिए अनुकूल बनाती है.
)
मध्य प्रदेश को हीरा राज्य के नाम से भी पहचाना जाता है. पन्ना की हीरा खदानें इसे ये दर्जा दिलवाती है. भारत के कुल हीरा भंडार का 90% से अधिक हिस्सा अकेले मध्य प्रदेश में है.
)
मध्य प्रदेश को नदियां का मायका भी कहा जाता है क्यों की ये राज्य कई प्रमुख नदियों जैसे नर्मदा, चंबल, बेतवा, सोन, ताप्ती का उद्गम स्थल है. इस अकेले राज्य में छोटी बड़ी मिलाकर 200 से अधिक नदियां बहती हैं. इतनी ही नहीं यही नदियां पड़ोसी राज्यों को भी पानी देती है.
)
मध्य प्रदेश को मिनी इंडिया के नाम से भी जानते हैं. एमपी 5 राज्यों से घिरा हुआ है जिसका वजह से यहां उन राज्यों के भी बोलचाल, खानपान और संस्कृति का मिश्रण दिकाई देता है. यहां मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड और ग्वालियर जैसे अलग-अलग क्षेत्र हैं. यहां मैदानी क्षेत्र, पठार, ऊंचे पहाड़, घने जंगल तक देखने को मिलते हैं. इसके साथ ही यहां भारत की सबसे बड़ी जनजातीय आबादी भी दिखाई देती है.
)
एमपी को तेंदुआ राज्य भी कहते हैं क्योंकि यहां भारत के सभी 27 राज्यों से ज्यादा तेंदुए पाए जाते हैं. मध्य प्रदेश का वन क्षेत्र और अनुकूल परिस्थितियां तेंदुए को सुरक्षित आवास प्रदान करते हैं.
ट्रेन्डिंग फोटोज़