indore famous street food market: आज के दौर में स्ट्रीट फूड का क्रेज अलग ही लेवल पर लोगों के सिर चढ़क बोल रहा है. चाहे वो लखनऊ की चटोरी गली हो दिल्ली की चांदनी चौक या फिर नोएडा का सेक्टर 18 और इंदौर की 56 दुकानें.. इन जगहों की स्पेशियलिटी ही यही हैं कि यहां की खाने की महक आपको कई मीटर दूर से ही खींच लाएगी. बाद करें इंदौर के 56 दुकानें की तो इसकी कहानी काफी दिलचस्प है. तिलक मार्केट से कैसे ये 56 दुकानों से पहचाने जाने लगी ये आपको भी जानना चाहिए. FSSAI द्वारा भी इंदौर के 56 दुकानों को क्लीन स्ट्रीट फ़ूड हब कैटगरी में शामिल किया गया है.
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इंदौर की फेमस चाटी चौपाटी की गलियों की बात करें तो सबसे पहला नाम 56 दुकानों का आता है. अरे वही 56 दुकान जिसे पहले तिलक मार्कट के नाम से जाना जाता था. इस मार्केट की खासियत है कि ये चटोरों को कई मीटर दूर से ही अपनी महक के कारण यहां खीच लाती है.
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इंदौर की इस फेमस फूड मार्कट में आपको चाय-पिज्जा-हॉट डॉग-मोमोज-डोसा-आइसक्रीम... सब एक जगह मिल जाएगा. सबसे बेहतरीन बात ये है कि यहां ना ही क्वालिटी के साथ कोई कॉम्प्रोमाइज किया जाता है और ना ही साफ-सफाई के साथ.
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अब हम आपको 56 दुकान की वो कहानी बताएंगे जो शायद ही किसी को पता हो. पहले इस स्ट्रीट फूड मार्केट को तिलक मार्केट के नाम से जाना जाता था लेकिन बाद में नाम को बदलकर 56 दुकानें कर दिया गया. 56 दुकानें इसलिए क्योंकि यहां दुकानों की संख्या 56 हैं और 56 भोग के नाम से ये गली 56 दुकानों से पहचानी जानी लगी.
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56 दुकान की गलियों में आपको वो हर टॉप मोस्ट ब्रांड मिल जाएंगे जिसकी एड आप टीवी या फिर मोबाइल पर देखते हैं. और शायद यही कारण है कि यहां चटोरों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जाती है.
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56 दुकान की गलियों मौजूद जितने भी फूड स्टॉल्स और आउटलेट है किसी ने भी खाने की गुणवता और सफाई में किसी भी तरह का कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं किया है. इसलिए 2021 में FSSAI ने इस मार्केट को भारत के 2 क्लीन स्ट्रीट फूड हब कैटगरी में शामिल किया था आज भी ये फूड हब इस कैटेगरी में शामिल है.
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इंदौर के 56 दुकान की लोकप्रियता इसकी विशेषता से उभर के सामने आई है. नो विहीकल जोन से लेकर नो डिस्पोजेबल जोन भी है. यहां ना तो गाड़ियों की कतार लगती है और न ही पेपर के डिस्पोजेबल खान के लिए ग्राहकों को दिए जाते हैं. इस मार्केट का खुद का अपना कम्पोस्ट प्लांट भी है. जो गीला कचरा निकलता है उसका खाद बना दिया जाता है. हाउसकीपिंग पर भी लाखों रूपए खर्च किए जाते हैं.
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इंदौर के 56 दुकान की जगमगाहट देखनी हो तो आप शाम को यहां चले आएं. यहं हर वर्ग का इंसान अपने-अपने मनपसंद आउटलेट पर बैठा दिखाई देगा. आउटलेट और स्टॉल्स में रखे गए स्टाफ्स की ट्रेनिंग, हेड सेफ की ट्रेनिंग और खाने का जबरदस्त टेस्ट ही इस मार्केट को कंट्री लेवल पर फेमस बनाई है.
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