4 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. मौसम विभाग ने बड़वानी और खंडवा के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और वहां 204.5 मिमी या उससे ज़्यादा बारिश का अनुमान जताया है. वहीं, उज्जैन, धार, खरगोन, बुरहानपुर, झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम, छिंदवाड़ा और बालाघाट समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में भारी से अति भारी बारिश, तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का खतरा है.
1/5मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है.
2/5शुक्रवार को हुई बारिश के कारण भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में जलभराव हो गया है, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है और आम जनता को काफी परेशानी हो रही है.
3/5मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 4 जुलाई को मध्य प्रदेश में काले बादलों का डेरा रहेगा. क्योंकि इस दौरान मानसून की गतिविधि अपने चरम पर होगी. विभाग ने राज्य के दो जिलों खंडवा और बड़वानी के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है.
4/5इन इलाकों में तेज आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ-साथ भारी बारिश (204.5 मिमी या उससे ज़्यादा) होने की संभावना है. स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी दी है और लोगों को नदियों व नालों से दूर रहने तथा आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी है.
5/5इसके अलावा मालवा-निमाड़ और दक्षिण-पूर्वी इलाकों के बड़े हिस्से में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसमें बुरहानपुर, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा और बालाघाट जैसे पश्चिमी जिले शामिल हैं. इन जिलों के ज़्यादातर इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश (115.6 mm से 204.4 mm तक) की चेतावनी जारी की गई है.