Winter Best Place Chanderi-मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में बसा चंदेरी शहर सर्दियों में घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह है. यह शहर अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और पारंपरिक चंदेरी साड़ियों के लिए जाना जाता है. यह छोटा सा शहर अपने अंदर बहुत कुछ समेटे हुए है. यहां पुरानी वास्तुकला, झीलें, पहाड़ियों और जंगलों के बीच प्रकृति की शांति का आनंद भी ले सकते हैं. सर्दियों में घूमने के लिए बेस्ट है, यहां के नजारे लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं.
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सर्दियों में घूमने के लिए मध्यप्रदेश का चंदेरी किला एक बेहतरीन जगह है. यह किला 71 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जिससे पूरा शहर दिखाई देता है. किले में तीन विशाल दरवाजे हैं, जिनमें से एक को खूनी दरवाजा कहा जाता है. इसका इतिहास मुगलकाल से जुड़ा हुआ है. यह कई युद्धों और वीरता की कहानियों का साक्षी रहा है. ठंडी हवाओं के बीच इस किले की ऊंचाई से शहर का नजारा आकर्षक लगता है.
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चंदेरी का प्रसिद्ध रामनगर महल सर्दियों में घूमने लायक दूसरा प्रमुख स्थल है. इसे बुंदेला शासक दुर्जन सिंह ने बनवाया था और बाद में ग्वालियर के महाराज माधवराज सिंधिया ने इसका जीर्णोद्वार कराया. यह तीन मंजिला इमारत है, जिसमें खूबसूरत खंभे और कलात्मक नक्काशी देखने को मिलती है. इतिहास प्रेमियों के लिए यह जगह आकर्षण का केंद्र है.
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चंदेरी का राजा रानी महल अपनी भव्यता और स्थापत्य शैली के लिए जाना जाता है. वास्तव में यह दो अलग-अलग महलों से मिलकर बना है. सात मंजिला राजा महल और छोटा लेकिन खूबसूरत रानी महल. दोनों के निर्माण में अलग-अलग वास्तुकला शैलियों का प्रयोग किया गया है, जो इसे अनोखी बनाते हैं. सर्दियों की सुनहरी धूप में इन महलों की दीवारें और छतरियां बेहद मनमोहक लगती हैं
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कोशक महल चंदेरी का एक ऐतिहासिक रत्न है, जिसे मालवा के सुल्तान महमूद शाह खिलजी ने बनवाया था. चौकोर आकार की यह बहुमंजिला इमारत चार बराबर हिस्सों में बंटी हुई है. हर हिस्से में सुंदर बालकनियां, खिड़कियां और छत की नक्काशी इसे खास बनाती हैं. सफेद स्थानीय बलुआ पत्थर से निर्मित यह महिल सर्दियों की ठंडी धूप में बेहद चमकदार दिखता है.
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सर्दियों में धार्मिक यात्रा के लिए जागेश्वरी मंदिर एक उत्कृष्ट स्थान है. इसे चंदेरी के राजा कीर्तिपाल ने बनवाया था. यह मंदिर कीर्ति दुर्ग किले के पास घने जंगलों के बीच एक खुली गुफा में स्थित है. यहां मां जागेश्वरी देवी का मुख स्थापित है, साथ ही एक विशाल शिवलिंग भी है, जिसमें 1100 छोटे शिवलिंग नक्काशीदार रूप में बने हैं. यहां की शांति और प्राकृतिक वातावरण मन को सुकून देता है.
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परमेश्वर तालाब का इतिहास भी बेहद रोचक है. मान्यता है कि राजा कीर्तिपाल को एक बार कुष्ठ रोग हो गया था, लेकिन शिकार के दौरान इस तालाब में स्नान करने से उनका रोग ठीक हो गया. तभी से यह स्थान परमेश्वर तालाब के नाम से प्रसिद्ध हुआ. सर्दियों के मौसम में यहां का शांत वातावरण और ठंडी हवाएं इसे घूमने के लिए शांतिपूर्ण स्थल बनाती हैं.
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सर्दियों का मौसम चंदेरी की खूबसूरती को और निखार देता है. यहां का ऐतिहासिक किला, राजमहल, कोशक महल, मंदिर और तालाब हर जगह पर इतिहास, स्थापत्य और आस्था का अद्भुत मेल देखने को मिलता है. ठंडी हवाओं और पहाड़ी नजारों के बीच चंदेरी एक ऐसा पर्यटन स्थल है जो इतिहास प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए स्वर्ग जैसा अनुभव देता है.
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