MP New Road Project-मध्यप्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में चार जिलों, बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी के लिए एक शानदार सड़क परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर 4,415.60 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे न सिर्फ यात्रा का समय बचेगा बल्कि व्यापार और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे.
1/6इस योजना के तहत नेशनल हाईवे-347बी के अलग-अलग हिस्सों को नया और बेहतर बनाया जाएगा. यह हाईवे मध्यप्रदेश के बूतल को गुजरात के वडोदरा शहर से जोड़ता है. इस सड़क के सुधरने से दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों और मालगाड़ियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी और सफर पहले से ज्यादा सुगम होगा.
2/6यह पूरी परियोजना करीब 223 किलोमीटर लंबी है. इसके तहत हिवारखेड़ी से रुधी के बीच की सड़क को चौड़ा करके पक्के शोल्डर के साथ दो लेन का बनाया जाएगा. वहीं दूसरी तरफ, देशगांव से जुलवानिया के बीच की दो लेन वाली सड़क को अपग्रेड करके शानदार फोरलेन में बदला जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी.
3/6इस प्रोजेक्ट की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसके तहत शहरों के अंदर लगने वाले भारी जाम से मुक्ति मिलेगी. खरगोन जिले में 16.20 किलोमीटर लंबा एक नया ग्रीनफील्ड बाईपास बनाया जाएगा. इसके अलावा पूरे रूट पर अलग-अलग जगहों पर कुल 124 किलोमीटर से ज्यादा लंबे बाईपास बनाए जाएंगे, ताकि भारी वाहन शहरों के बाहर से ही आसानी से निकल सकें.
4/6वर्तमान में इस हाईवे पर कई जगहों पर बहुत तीखे मोड़ और कमियां हैं, जिसकी वजह से गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो जाती है और हादसों का खतरा बना रहता है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद गाड़ियों की औसत स्पीड बढ़ जाएगी, सफर में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और सबसे बड़ी बात यह कि सड़क दुर्घटना में भारी कमी आएगी.
5/6यह सड़क योजना प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान का हिस्सा है. नया कॉरिडोर बनने से इलाके के 6 बड़े आर्थिक केंद्र आपस में जुड़ जाएंगे. इनमें एक कपड़ा क्लस्टर, दो बड़े फूड पार्क, एक इंडस्ट्रियल पार्क और दो सुपर थर्मल पावर प्लांट शामिल हैं. इसके साथ ही यह बड़वानी, खंडवा और बैतूल जैसे आदिवासी और पिछले जिलों की तरक्की की मुख्यधारा से जोड़ेगा.
6/6यह नया हाईवे इंदौर और नागपुर हवाई अड्डों के साथ-साथ बैतूल और खंडवा रेलवे स्टेशनों को भी आपस में जोड़ने को काम करेगा. एनएचआई के अधिकारियों के अनुसार, इस सड़क के चौड़ीकरण और नए बाईपास बनने से गाड़ियों के रखरखाव का खर्च घटेगा और ईंधन की भारी बचत होगी, जिससे खेती और व्यापार की बढ़ावा मिलेगा.