PM Kisan Samman Yojana-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आने वाली किस्त का किसानों को बेसब्री से इंतजार है. केंद्र सरकार की इस योजना के तहत किसानों को 2 हजार रुपए की राशि दी जाती है. सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को सहायता प्रदान करना है. इसके तहत पात्र किसानों को सालाना 6 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है, जो सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है. अब तक 21 किस्तें इस योजना की जारी हो चुकी हैं और अब देशभर के किसान 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
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इस योजना के तहत मिलने वाली 6 हजार रुपए की राशि एक साथ नहीं दी जाती है. सरकार इसे 2-2 हजार रुपए की तीन समान किस्तों में जारी करती है. यह राशि हर चार महीने के अंतराल पर किसानों को दी जाती है. योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करना है. अब तक योजना की 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं, किसानों को अब 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है.
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22वीं किस्त के जारी होने के समय को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि यह किस्त होली के बाद मार्च के दूसरे सप्ताह में जारी हो सकती है. हालांकि, सरकार ने अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. किसान आधिकारिक पोर्टल चेक कर इसके बारे में जान सकते हैं.
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ताजा आंकड़ों पर गौर करें तो मध्यप्रदेश में लगभग 81 लाख 81 हजार 751 किसान वर्तमान में इस योजना का लाभ उठा रहे हैं. हालाकिं, सरकार अब अपात्रों की पहचान करने में सख्त रुख अपना रही है. फरवरी 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन सालों में प्रदेश के करीब 1.66 लाख किसानों के नाम पात्रता सूची से हटाए गए हैं.
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योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो मानकों को पूरा करते हैं. अगर आप पात्र हैं, तब भी तकनीकी कारणों से पैसा रुक सकता है. सबसे मुख्य वजह है ई-केवाईसी का अधूरा होना, भू-सत्यापन न होना और बैंक खाते का आधार से लिंक न होना शामिल है. इसके अलावा, यदि कोई गलत तरीके से लाभ ले रहा है, तो उसका नाम पोर्टल से हटा दिया जाएगा.
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किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया है. जिन किसानों को मोबाइल नंबर आधार सि लिंक है, वे pmkisan.gov.in पोर्टल पर जाकर ओटीपी के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. यह घर बैठे किया जा सकने वाला सबसे आसान तरीका है, जिससे अगली किस्त नहीं रुकेगी.
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जो भी किसान तकनीक से बहुत ज्यादा परिचित नहीं हैं या जिनका मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, उनके लिए ऑफलाइन विकल्प भी उपलब्ध है. ऐसे किसान अपने नजदीकी सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक के जरिए अपनी ई-केवाईसी पूरी करवा सकते हैं. इसके लिए मामूली शुल्क देना पड़ सकता है, लेकिन यह भुगतान की गारंटी सुनिश्चित करता है.
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बता दें, सरकार जब भी योजना की किस्त जारी करती है, उसकी सूचना आधिकारिक वेबसाइट और सूचना मााध्यमों से दी जाती है. इसलिए, किसानों के लिए यह बेहतर है कि वे समय रहते अपनी केवाईसी और भू-सत्यापन की सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि जैसे ही सरकार किस्त जारी करे, पैसा सीधे खाते में पहुंच जाए.
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