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Zee Madhya Pradesh ChhattisgarhPhotosड्राइवर का बेटा बना सरकारी अफसर, 2 बार MPPSC पास कर लहराया परचम; ट्रेजरी ऑफिसर से अब जनपद CEO!
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ड्राइवर का बेटा बना सरकारी अफसर, 2 बार MPPSC पास कर लहराया परचम; ट्रेजरी ऑफिसर से अब जनपद CEO!

Success Story of MPPSC 2023 Topper: (MPPSC) 2023 का रिजल्ट आउट हो गया है. इस दौरान प्रदेश के कई ऐसे होनहारों के नाम सामने आ रहे हैं जिनके बारे में सुनकर सिर गर्व से ऊंचा हो जाए. ये सक्सेस स्टोरी है ऋत्विक सोलंकी की जो हाल ही में जनपद पंचायत सीईओ के पद के लिए चयनित हुए हैं. ऋत्विक सोलंकी इससे पहले ट्रेजरी ऑफिसर का पद संभाल रहे थे. बेहद कम उम्र में इतना ऊँचा मुकाम हासिल करना न सिर्फ ऋत्विक की कहानी है, बल्कि इसमें उनके माता-पिता का भी अहम योगदान है

 

ऋत्विक सोलंकी सक्सेस स्टोरी

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ऋत्विक सोलंकी सक्सेस स्टोरी

ये सक्सेस स्टोरी जितनी ऋत्विक सोलंकी की नहीं, उतनी उनके पिता रूप सिंह सोलंकी की है. रूप सिंह सोलंकी ने अपने जीवन में शायद ही ऐसा कभी सोचा होगा कि वे जिन अधिकारियों की गाड़ी चलाते हैं, एक दिन उनका बेटा ऐसा तख्तापलट करेगा कि पूरी दुनिया देखेगी.

कौन हैं ऋत्विक सोलंकी

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कौन हैं ऋत्विक सोलंकी

रूप सिंह सोलंकी के छोटे बेटे ऋत्विक सोलंकी, जो कि महज 21 की उम्र से ट्रेजरी ऑफिसर का पद संभाल रहे थे, वे अब जनपद पंचायत सीईओ के पद पर नियुक्त किए जाएँगे.

राहुल सोलंकी का पद

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राहुल सोलंकी का पद

रूप सिंह अपने परिवार के साथ मध्य प्रदेश के खंडवा में रहते हैं. उनका बड़ा बेटा राहुल सोलंकी वन विभाग में रेंजर है, वहीं छोटे बेटे ने इस उपलब्धि को हासिल कर अपने पिता का मान बढ़ा दिया है.

ऐसे बदली किस्मत

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ऐसे बदली किस्मत

रूप सिंह ने खुद भी कभी सरकारी अफ़सर बनने का ख्वाब देखा था, लेकिन सपने अधूरे रह जाने के चलते वे हमेशा से अपने बेटों को उसी कुर्सी की कमान संभाले देखना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने काम किया था.

ड्राइवर का बेटा बना अफसर

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ड्राइवर का बेटा बना अफसर

रूप सिंह ने हमेशा से ही एडीएम की गाड़ी चलाना, डिप्टी कलेक्टर के साथ रहना, उनकी ज़िम्मेदारियाँ संभाली हैं, लेकिन जो सपना उन्होंने अपने लिए देखा था, उसे उनके बेटे ने हकीकत में तब्दील कर दिया है.

ऋत्विक सोलंकी की पढ़ाई

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ऋत्विक सोलंकी की पढ़ाई

ऋत्विक की बात करें तो वे  DU के छात्र रह चुके हैं. उन्होंने हिस्ट्री और पॉलिटिकल साइंस में बी.ए. की डिग्री हासिल की है. कॉलेज के दौरान ही उनका झुकाव सिविल सर्विस के लिए था, जिसके लिए उन्होंने तैयारी शुरू कर दी.

हर बार पास की परीक्षा

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हर बार पास की परीक्षा

2022 में उन्होंने पहली बार MPPSC की परीक्षा दी, जिसके बाद वे ट्रेजरी ऑफिसर बनाए गए. इसी साल 2025 में उन्होंने आलीराजपुर जिले में इस पद पर जॉइन किया. चमत्कार तो तब हुआ जब 2023 की MPPSC परीक्षा में दोबारा एग्जाम दिया और अब सीधे जनपद सीईओ के रूप में चुने गए हैं.

 

सफलता का श्रेय

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सफलता का श्रेय

ऋत्विक सोलंकी ने अपने इस मुकाम का पूरा श्रेय अपने पिता को दिया है. साथ ही उन्होंने एग्जाम की तैयारियों को लेकर भी टिप्स साझा किए, जो MPPSC उम्मीदवारों के लिए सफलता की किरण साबित हो सकते हैं.