दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से बदलेगी रतलाम की सूरत! केंद्रीय मंत्री ने दी बड़ी सौगात

नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे दुनिया का सबसे बड़ा हाइवे है, जो 1350 किलोमीटर लंबा है. दिल्ली से मुंबई की दूरी इस हाइवे से 12.5 घंटे में पूरी हो सकेगी. 

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से बदलेगी रतलाम की सूरत! केंद्रीय मंत्री ने दी बड़ी सौगात

चंद्रशेखर सोलंकी/रतलामः जिले के विकास के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. दरअसल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार शाम को जिले में विकास के लिए बड़ी सौगात का ऐलान किया. दरअसल उन्होंने कहा कि रतलाम में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस से लगी एमपीआईडीसी की 1800 हेक्टेयर जमीन पर नेशनल हाइवे अथॉरिटी इंडस्ट्रियल क्लस्टर में निवेश करेगा. इससे इलाके के विकास के साथ ही लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार भी मिलेगा. 

क्या बोले नितिन गडकरी
बता दें कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे का निरीक्षण करने रतलाम पहुंचे थे. एक सभा को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने ऐलान किया कि जिले में एक्सप्रेस वे से लगी MPIDC की 1800 हेक्टेयर जमीन नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को दी जाए तो एनएचआई वहां मध्य प्रदेश के साथ मिलकर निवेश करेगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विधायक चेतन्य कश्यप ने उन्हें एक पत्र देकर बताया है कि रतलाम में 1800 हेक्टेयर जमीन में निवेश क्षेत्र निर्मित करने के लिए उनकी मध्य प्रदेश सरकार से चर्चा भी हो गई है.

केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि अगर एमपीआईडीसी यह जमीन एनएचआई को दे देता है तो यहां निवेश किया जाएगा. जमीन मध्य प्रदेश सरकार की होगी और निवेश एनएचआई करेगी.  उन्होंने बताया कि इस निवेश क्षेत्र में लॉजिस्टिक पार्क एवं इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाया जाएगा. इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र का विकास होगा. उन्होंने ये भी बताया कि इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश सरकार से चर्चा के बाद एमओयू साइन किया जाएगा. 

केंद्रीय मंत्री ने 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से किया निरीक्षण
नितिन गडकरी ने जिले के जाओरा गांव में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने हाइवे पर 150 की स्पीड से गाड़ी दौड़ाकर चेक की. उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा हाइवे है, जो 1350 किलोमीटर लंबा है. दिल्ली से मुंबई की दूरी इस हाइवे से 12.5 घंटे में पूरी हो सकेगी. पहले चरण में इस हाइवे को 8 लेन का बनाया जा रहा है लेकिन भविष्य के ट्रैफिक लोड को देखते हुए इसे 12 लेन का बनाया जाएगा.

इस हाइवे का 245 किलोमीटर मध्य प्रदेश में पड़ेगा, जिसमें से 106 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस हाइवे के निर्माण से राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के पिछड़ों इलाकों का विकास होगा.