Madhya Pradesh: देश का VVIP Tree जिसकी सुरक्षा में 24 घंटे पुलिस रहती है तैनात, PM Modi के लिए भी है खास
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Madhya Pradesh: देश का VVIP Tree जिसकी सुरक्षा में 24 घंटे पुलिस रहती है तैनात, PM Modi के लिए भी है खास

देश के इस वीवीआपी पेड़ (VVIP Tree) का एक पत्ता भी टूटता है तो मानों हलचल मच जाती है और तुरंत इसकी रिपोर्ट भोपाल (Bhopal) में उच्च स्तर को दी जाती है. इतना ही नहीं इस पेड़ का किसी वीआईपी सेलिब्रिटी की तरह मेडिकल चेकअप (Medical Checkup) भी होता रहता है. 

Madhya Pradesh: देश का VVIP Tree जिसकी सुरक्षा में 24 घंटे पुलिस रहती है तैनात, PM Modi के लिए भी है खास

भोपाल: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) और विदिशा के बीच एक पहाड़ी पर देश का ऐसा वीवीआईपी पेड़ (VVIP Tree of India) लगा है, जिसकी सुरक्षा में हमेशा सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इस वीवीआईपी पेड़ को 24*7 सुरक्षा दी जाती है. बता दें साल 2012 में श्रीलंका (Shri lanka) के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने ये बोधि वृक्ष लगाया था. उस समय वो प्रस्तावित बौध्द विश्वविद्यालय के भूमि पूजन समारोह आए थे. इसके बाद से इसकी देखरेख उद्यानिकी विभाग, राजस्व, पुलिस और सांची नगरपरिषद मिलकर करते हैं.

पीएम मोदी के लिए भी है खास
देश का इस वीवीआपी पेड़ का एक पत्ता भी टूटता है तो मानों हलचल मच जाती है और तुरंत इसकी रिपोर्ट भोपाल में उच्च स्तर को दी जाती है. इतना ही नहीं इस पेड़ का किसी वीआईपी सेलिब्रिटी की तरह मेडिकल चेकअप भी होता रहता है. सेलिब्रिटी पेड़ की सुरक्षा के लिए 15 फीट ऊंची जालियां लगाई हुई हैं और आसपार पुलिस के जवानों का घेरा बना रहता है. इस चाकचौबंद सुरक्षा को देख लोग भी हैरान रहते हैं कि इस पेड़ की ऐसा भी क्या खास है. तो जवाब ये है कि पेड़ इसलिए खास है क्योंकि ये बोधी वृक्ष है और इसे श्रीलंका के राष्ट्रपति ने रोपा था. पीएम मोदी भी अपनी विदेश यात्रा के दौरान बौद्ध धर्म को मानने वाले कई देश के प्रतिनिधियों को ये पौधा भेंट कर चुके हैं.

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भगवान बुध्द को बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ती हुई थी
इसकी महत्ता इसलिए है क्योंकि बौद्ध धर्मगुरु मानते हैं कि भगवान बुध्द को बोधगया में ऐसे ही बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ती हुई थी. इसके अलावा भारत से सम्राट अशोक भी इसी पेड़ की शाखा को श्रीलंका लेकर गए थे. इसी कारण ये खास है. हर 15 दिनों में सरकार पेड़ की मेडिकल जांच करवाती है. सरकार की भी कोशिश रहती है कि पेड़ का एक पत्ता भी टूटने नहीं पाए. सरकार ने इसके लिए खास इंतजाम किए हुए हैं.  

वैज्ञानिकों की देखरेख में तैयार होते हैं पौधे
बोधि वृक्ष के पौधे देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की देखरेख में तैयार किए जाते हैं. मूल रूप से श्रीलंका के निवासी और जापान-श्रीलंका बौद्ध बिहार कुशीनगर के प्रबन्धक/ प्रमुख बौद्ध ने बताया था कि बोधि वृक्ष दुनिया भर के बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों की आस्था का प्रतीक है और हमारे देश में भी ये पूजनीय है.

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