MPPSC की फीस वृद्धि का फैसला हुआ वापस, सीएम कमलनाथ ने जताई थी नाराजगी

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग ने ऑनलाइन परीक्षा फीस में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी थी.

MPPSC की फीस वृद्धि का फैसला हुआ वापस, सीएम कमलनाथ ने जताई थी नाराजगी
मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने मप्र लोक सेवा आयोग फीस बढ़ोतरी के आदेश पर नाराजगी जताई थी.

भोपाल: मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग (Madhya Pradesh Public Service Commission) ने ऑनलाइन परीक्षा फीस (online fees) में की गई बढ़ोत्तरी का फैसला वापस ले लिया है. मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने मप्र लोक सेवा आयोग फीस बढ़ोतरी के आदेश पर नाराजगी जताई थी. साथ ही सीएम कमलनाथ ने इस पर रोक लगाने को कहा था. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग ने ऑनलाइन परीक्षा फीस में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी थी.

 

 

फीस वृद्धि के फैसले को वापस लेने के बाद अब फिर से मध्य प्रदेश के मूल निवासी, एससी-एसटी और ओबीसी समेत दिव्यांगजनों की फीस 500 रुपए होगी. एमपी के बाहर के अभ्यर्थियों के लिए फीस 1000 रुपए होगी. एमपीपीएससी ने पहले इसे 750 और 1500 रुपए कर दिया था. बिना जानकारी फीस बढ़ोतरी करने पर सीएम कमलनाथ ने आपत्ति जताई थी.

मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से एमपीपीएससी की ऑनलाइन परीक्षाओं में फीस बढ़ोत्तरी पर बयान जारी किया गया था. बयान में कहा गया था कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार देने के वचन को लेकर काम कर रही है. लगातार प्रदेश में बेरोजगारी दूर करने और युवाओं को रोजगार देने के लक्ष्य को लेकर सरकार योजनाएं बना रही है. ऐसे में फीस वृद्धि का फैसला युवाओं के हितों के साथ न्याय नहीं है. आपको बता दें कि हाल ही में एमपीपीएससी ने छात्रों पर परीक्षा फीस का डबल बोझ डाल दिया था. पीएससी की सभी ऑनलाइन परीक्षाओं की फीस दोगुनी से ज्यादा कर दी गई है. इसका अनारक्षित वर्ग के साथ ही आरक्षित वर्ग के कैंडिडेट्स पर भी असर पड़ा है.