पीएम मोदी बोले, 'मध्य प्रदेश के घोषणा पत्र में गाय लाने वाले, केरल में गाय खाते हैं'

पीएम मोदी ने कहा कि धोखा करना कांग्रेस पार्टी के स्वभाव में है इसलिए अभ देश की जनता उन पर विश्वास नहीं करेगी.

पीएम मोदी बोले, 'मध्य प्रदेश के घोषणा पत्र में गाय लाने वाले, केरल में गाय खाते हैं'
फोटो सौजन्य: ANI

छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने गौ रक्षा का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में गाय को शामिल किया है. ये बुरी बात नहीं है, लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या एमपी और केरल की कांग्रेस में फर्क है. एमपी के घोषणा पत्र में गाय का गुणगान किया जा रहा है. वहीं, केरल में कांग्रेस के लोग बीच रास्ते में लोग गाय को मारकर खाते हैं. तस्वीरें जारी कर कहते हैं कि गौमांस खाना हमारा अधिकार है. इन दोनों राज्यों की कांग्रेस के मुखिया नामदार हैं और क्या इन दोनों राज्यों की कांग्रेस में अंतर है. 

 

 

बता दें कि मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने चुनाव पूर्व वादा किया था कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर हर ग्राम पंचायत में गौशाला बनाई जाएगी, क्योंकि गाय की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गायों के लिए कुछ नहीं किया है. कमलनाथ ने कहा था, "बीजेपी गौमाता को लेकर बातें बड़ी-बड़ी करती है, जमीन पर करती कुछ नहीं. सैकड़ों गौमाता रोज मर रही हैं, लेकिन उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है. बीजेपी गौमाता के नाम पर सिर्फ राजनीति करती है. हम गौमाता को तड़पते हुए नहीं देख सकते."

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धोखा करना कांग्रेस के स्वभाव में है
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए बोला कि धोखा करना कांग्रेस पार्टी के स्वभाव में है. कांग्रेस पार्टी के नेता लोगों को सपने बेचते हैं. ये जनता को गुमराह करने वाले लोग हैं इसलिए अब देश की जनता उन पर विश्वास नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी से अब तक झूठ बोलने की इतनी जबरदस्त प्रैक्टिस की है कि उसे झूठ बोलने में और झूठ गढ़ने में महारथ हासिल हो गई है. पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, ''मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कहते हैं कि गुंडा-बदमाश-लुटेरा-चोर कोई भी उम्मीदवार चलेगा बस जीतने वाला चाहिए. मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नामदार ने ऐसे लोगों को पसंद कर टिकट दिया है. जिन लोगों ने ऐसे उम्मीदवारों को चुना हो ऐसे लोगों के हाथ में मध्य प्रदेश नहीं जाना चाहिए.'' 

परिवार से बाहर के व्यक्ति को बनाना चाहिए कांग्रेस अध्यक्ष- पीएम मोदी
इससे पहले छत्तीसगढ़ में रविवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन होने के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश की जनता को संबोधित करने के लिए महासमु्ंद पहुंचे. महासमुंद के बेमचाभाठा मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के अपनी पुस्तक "नेहरू: द इन्वेंशन ऑफ इंडिया' के पुनर्विमोचन के मौके पर उन्हें 'चायवाला' और नेहरू जी के कारण 'चायवाले के प्रधानमंत्री' बनने वाले बयान पर जमकर निशाना साधा और कहा कि 'ये लोग बोलते है कि नेहरु जी की मेहरबानी है कि चाय वाला प्रधानमंत्री बन गया. क्रेडिट लेने के लिये ऐसी-ऐसी चीजें खोजकर ले आते हैं. अगर उन्होंने इतनी उदार लोकतांत्रिक व्यवस्था दी है तो मैं पूछता हूं कि 5 साल के लिये किसी परिवार से बाहर के शख्स को कांग्रेस अध्यक्ष क्यों नहीं बना देते. उनके राज दरबारी ने कहा कि ये बने थे. ये बने थे सीताराम केसरी जो कि दलित थे कैसे उन्हें बाथरुम में बंद कर दिया था, रोड पर फेंक दिया गया था. झूठ बोलना, सही सवालो के जवाब नहीं देना. उनके राज दरबारी उनसे सवाल पूछने की हिम्मत नहीं करते क्योंकि उन्होंने भी तो नमक खाया है.''

दिल्ली में रिमोट कंट्रोल वाली सरकार थी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि 'सीएम डॉ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में जो भी काम किए वह काफी सराहनीय हैं, क्योंकि इससे पहले दिल्ली में बैठी सरकार उनकी बातें नहीं सुनती थी. मैं भी गुजरात में सीएम रहते हुए कई बार इन समस्याओं को झेल चुका हूं, कई बार केंद्र से लड़ना भी पड़ा. जैसे मैं केंद्र से लड़ा वह भी लड़े. सीएम डॉ रमन सिंह के 10 साल सिर्फ नकारात्मक शक्तियों से लड़ने में ही चले गए. क्योंकि केंद्र ने छत्तीसगढ़ को भारत का हिस्सा मानने से ही इंकार कर दिया था.'

मैं यहां के लोगों से परिचित हूं- पीएम मोदी
उन्होंने आगे कहा कि 'ये महासमुंद की धरती पर मुझे संगठन के कार्यकर्ता के नाते, कार्य करने का अवसर मिला है. मैं यहां के लोगों की आवश्यकताओं, समस्याओं और उनके समाधान से भली-भांती अवगत हूं. यहां से मैंने बहुत कुछ सीखा है. चुनाव प्रचार के आखिरी दिन में बड़ी रैली कर रहा हूं, हमने जितना सोचा था उससे कहीं ज्यादा लोग आज इस रैली में मौजूद हैं. कई लोग धूप में भी खड़े हैं. आप सभी को हो रही असुविधा के लिए मैं क्षमा मांगता हूं, लेकिन यह विश्वास दिलाता हूं कि आपकी तपस्या मैं बेकार नहीं जाने दूंगा. हम क्षेत्र में विकास के साथ आपकी तपस्या को ब्याज सहित देंगे.'

18 साल का हो चुका छत्तीसगढ़
महासमुंद की सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आगे कहा कि 'प्रदेश की जनता को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन है. इस बार भी सीएम रमन सिंह का साथ दीजिए. इस चुनाव को सामान्य न समझें, क्योंकि इससे क्षेत्र का विकास जुड़ा है. केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद ही छत्तीसगढ़ पर ध्यान दिया गया है क्योंकि केंद्र में ऐसा प्रधानमंत्री है जो छत्तीसगढ़ की जनता और उनकी समस्याओं से परिचित है. छत्तीसगढ़ 18 साल का हो चुका है. आप सभी जानते हैं जब कोई बच्चा 18 साल का होता है तो उसकी अपेक्षाएं और सपने जाग जाते हैं. अब यही 18 साल का हो चुका राज्य तेजी से आगे बढ़ेगा और विकास के नए आयाम रचेगा.

जैसे 18 साल के बाद घर में बच्चे की परवरिश पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है वैसे ही आपकी जिम्मेदारी है कि इसे अच्छी परवरिश मिले इसलिए इसबार हमें कोई गलती करने का हक नहीं है. सीएम डॉ रमन सिंह जी के हाथ ऐसे मजबूत करें, उनको ऐसी ताकत दें कि आने वाले 25 साल की नीव अगले 5 साल में ही मजबूत कर दें. इस चुनाव को कौन विधायक बनें कौन न बनें इस पर न तौलें. पहली बार वोट देने वाले नौजवानों से पूछना चाहता हूं, आपके दादा-दादी को, मां-बाप को जिन कठिनाइयों के बीच गुजारा करना पड़ा क्या आप चाहते हैं आपकी जिंदगी भी ऐसी ही गुजरे. जरा सोचिए वो कौन लोग राज करते थे जब आपके दादा-दादी को अभावों में जिंदगी में गुजारनी पड़ी, वो कौन लोग थे जिसके कारण आपके परिवार के सपने वहीं के वहीं रह गए.