माओवादियों ने ग्रामीणों से की मारपीट, डर के चलते इलाज कराने से किया इनकार

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों का आतंक रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है.

माओवादियों ने ग्रामीणों से की मारपीट, डर के चलते इलाज कराने से किया इनकार
दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों की बैठक में शामिल होने से इनकार करने पर ग्रामीणों से मारपीट करने का मामला सामने आया है.(फाइल फोटो)

रायपुर: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों का आतंक रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों की बैठक में शामिल होने से इनकार करने पर 35 ग्रामीणों के साथ कथित रूप से मारपीट करने का मामला सामने आया है. दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि कुआकोंडा पुलिस थाना क्षेत्र के तहत फुलपाड़ गांव के कुछ लोगों ने गुरुवार को नक्सलियों की बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था. उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने उन्हें पेड़ से बांध दिया और उनके साथ मारपीट की जिसमें कम से कम 35 ग्रामीण घायल हो गए. इनमें से 10 गंभीर रूप से घायल हैं. उन्होंने बताया कि 16 लोगों को कुआकोंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है. वहीं, गंभीर रूप से घायल लोगों को दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

ग्रामीणों ने इलाज कराने से किया मना
उन्होंने कहा, ‘‘अन्य ग्रामीण जो नक्सलियों की मारपीट में घायल हुए हैं, उन्होंने इलाज कराने से मना कर दिया क्योंकि उन्हें डर है कि पुलिस की मदद लेने पर नक्सली उन्हें दंड देंगे.’’ घटना के बाद पुलिस का एक दल तीन एंबुलेंस के साथ शुक्रवार सुबह फुलपाड़ पहुंचा. उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर लोगों के साथ मारपीट की यह घटना क्षेत्र में पहली बार हुई है और शायद अपने साथियों की गिरफ्तारी के कारण कुंठा में नक्सलियों ने इसे अंजाम दिया है. 

दो दिन पहले ही आठ नक्सलियों ने किया था आत्मसमर्पण
वहीं, छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति से प्रेरित होकर आठ सक्रिय नक्सलियों ने सात सितंबर को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था. आत्मसमर्पित सभी माओवादी जनमिलिशिया सदस्य हैं और छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं. बस्तर के आईजी विवेकानंद सिन्हा और एसपी डी श्रवण ने बताया था कि समर्पितों में चार महिला नक्सली भी शामिल थी. ये नक्सली संगठन में वर्षों से काम कर रहे थे. समर्पण करने वालों में सनकू उर्फ पांडे बारसूर कमेटी सदस्य था. उस पर इनाम 10 हजार रुपए का इनाम रखा गया था.

(इनपुट भाषा से)