MP:लापरवाही या कोरोना का डर, आखिर क्यों 15 km तक युवक को गाड़ी के पीछे लटका कर लाई पुलिस

नीमच में पुलिस एक पैदल चल रहे युवक को पूछताछ के लिए अपनी सरकारी गाड़ी के पीछे लटका कर नलखेड़ा गांव से 15 किलोमीटर दूर मनासा लेकर आई है जो की खतरे से खाली नहीं है.

MP:लापरवाही या कोरोना का डर, आखिर क्यों 15 km तक युवक को गाड़ी के पीछे लटका कर लाई पुलिस
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रितेश सारड़ा/नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले से पुलिस की लापरवाही एक मामला सामने आया है. जहां कोरोना संकट की इस घड़ी में डॉक्टर्स के साथ-साथ पुलिस की भी अहम भूमिका मानी जा रही है वहीं नीमच पुलिस पर कुछ ऐसा करने का आरोप है जिससे किसी की जान जोखिम में पड़ गई. SP मनोज कुमार राय ने बताया कि पुलिस एक पैदल चल रहे युवक को पूछताछ के लिए अपनी सरकारी गाड़ी के पीछे लटका कर नलखेड़ा गांव से 15 किलोमीटर दूर मनासा लेकर आई है जो की खतरे से खाली नहीं है.

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बताया जा रहा है कि एक युवक महाराष्ट्र से पैदल चल कर मनासा के नलखेड़ा गांव होकर जा रहा है. इस बात की सूचना जब पुलिस को मिली तो पुलिस ने वहां पहुंच कर युवक से पूछताछ की और उसे जांच के लिए अपने वाहन के पीछे लटका कर मनासा ले आई. इस दौरान करीब 15 किलोमीटर तक युवक पुलिस वाहन के पीछे लटका रहा.

जानकारी के मुताबिक युवक मनासा गांव साकरियाखेड़ी का रहने वाला है जो मजदूरी के लिए महाराष्ट्र गया हुआ था. लॉकडाउन में सारे साधन ठप होने के कारण वह पैदल चलकर मनासा आ रहा था. पुलिस पर आरोप है कि वह कोरोना संक्रमण के खतरे के डर से युवक को इस तरह गाड़ी के बाहर लटका कर लाई थी.

फिलहाल SP मनोज कुमार राय का कहना है कि हो सकता है पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य के प्रति अति उत्साह में इस तरह का कदम उठा गए. हालांकि SP ने पूरे मामले की जानकारी लेकर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है.

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